कैफे वाले ने नींबू पानी के बिल में जोड़ा 'गैस क्राइसिस चार्ज', कीमत देख कस्टमर के उड़े होश

बेंगलुरु के थियो कैफे ने दो मिंट लेमनेड का बिल ग्राहक को दिया, जिसे देखकर ग्राहक भी हैरान रह गया. एक गिलास नींबू पानी की कीमत प्रति ग्लास 179 रुपये है, और 2 ग्लास का टोटल 358 रुपये बनता है.

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मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईंधन संकट का असर पूरी दुनिया में दिखने लगा है. भारत में भी गैस को लेकर बवाल मचा हुआ है, कई रेस्टोरेंट गैस की कमी की वजह से बंद हैं तो कुछ अब बिल में भी ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ जोड़ने लगे हैं. हाल ही में एक कैफे के बिल में ‘गैस संकट शुल्क’ जोड़ने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक्स (ट्विटर) और रेडिट पर वायरल हो रहे इस रसीद ने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है.

बेंगलुरु के कैफे में लगा ‘गैस क्राइसिस चार्ज’


बेंगलुरु के थियो कैफे ने दो मिंट लेमनेड का बिल ग्राहक को दिया, जिसे देखकर ग्राहक भी हैरान रह गया. एक गिलास नींबू पानी की कीमत प्रति ग्लास 179 रुपये है, और 2 ग्लास का टोटल 358 रुपये बनता है. लेकिन बिल में 5 प्रतिशत ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ 17.01 रुपये भी जोड़ा गया, जिसमें अन्य चार्ज जोड़कर टोटल कीमत 374 रुपये हो गई. यह विवादास्पद शुल्क तब जुड़ा जब देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी गैस की आपूर्ति में कमी की खबरें सामने आ रही हैं.

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कैफे ने बताया इस चार्ज का कारण


कैफे प्रबंधन ने अभी तक इस शुल्क के पीछे का कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है. सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट को हजारों लोग देख चुके हैं, और प्रतिक्रियाएं तीखी हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘सबसे पहले तो लेमनेड गैस स्टोव पर कौन बनाता है? यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत अवैध है. ईंधन संकट के नाम पर अतिरिक्त शुल्क अनुचित व्यापारिक प्रथा है. यदि अनिवार्य है तो 50,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है.’

सोशल मीडिया पर आए ऐसे रिएक्शन


एक दूसरे यूजर्स ने कहा, ‘शायद लेमनेड में गैस डालकर फिज बनाई होगी.’ एक ने सलाह दिया, ‘सोशल मीडिया पर शेयर करने के बजाय अधिकारियों को शिकायत करें, ऐसी अवैध वसूली पर कार्रवाई होनी चाहिए.’ वहीं, कुछ ने कैफे का पक्ष लेते हुए कहा, ‘यह शुल्क रेस्टोरेंट को बाकी मेन्यू चलाने के लिए जरूरी है, यह उचित लगता है.’ बेंगलुरु नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उपभोक्ता संगठनों ने जांच की मांग उठाई है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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