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क्या छोटे बच्चे को अचानक टाइप 1 डायबिटीज हो सकती है? बाबा रामदेव ने बताया इससे छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए
Type 1 Diabetes Home Remedies: आजकल टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण बच्चों में भी देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में उन्हें दवाई खिलाने के साथ-साथ बाबा रामदेव की बताई रेमेडी को बच्चे के रूटीन जरूर में शामिल करें. इससे यकीनन कुछ ही दिनों में आपको फायदा देखने को मिलेगा.
बाबा रामदेव ने बताया डायबिटीज छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए
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Bacho Me Type 1 Diabetes Hona: आजकल बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज के मामले देखने को मिल रहे हैं. बच्चों में इस बीमारी के लक्षण अचानक नजर आ रहे हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों और कैसे छोटे बच्चे को यह बीमारी अचानक हो सकती है? इसको लेकर बाबा रामदेव का कहना है कि टाइप 1 डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र में हो सकती है. कई बार इसके लक्षण अचानक दिखाई देते हैं और अब बच्चों को भी यह बीमारी नजर आ रही है. इसलिए योग गुरु बाबा रामदेव भी बच्चों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने अपनी वीडियो में बच्चों को डायबिटीज जैसी बीमारी से छुटकारा पाने के तरीके बताए हैं.
यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम पैंक्रियाज से इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देती है. इससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और इंसान को दवा का सहारा लेना पड़ता है.
बच्चे को अचानक टाइप 1 डायबिटीज होने के लक्षण
बार-बार पेशाब आना
ज्यादा थकान
बहुत ज्यादा प्यास लगना
अचानक वजन कम होना
रात में बिस्तर गीला करना
दवा लेने के कारण
कफ कोल्ड सिरप पीने की वजह
बाबा रामदेव ने बताया बच्चे की टाइप 1 डायबिटीज को कैसे ठीक करें
बाबा रामदेव ने बताया है कि आजकल बच्चों को डायबिटीज होने की सबसे बड़ी वजह दवाएं हैं जिसे माता-पिता बिना सोचे-समझे आसानी से खिला देते हैं. इन दवाओं से बच्चे की किडनी पर असर पड़ता है और कई बार डायबिटीज होने के भी संकेत नजर आते हैं.
बाबा रामदेव सर्दी-जुकाम होने पर घरेलू उपचार करने की सलाह देते हैं. ऐसे में अगर आपके बच्चे को डायबिटीज हो गई है तो योग को रूटीन में शामिल करें. योग करने से शरीर में इंसुलिन लेवल में आता है.
बच्चों को योग, प्राणायाम और सात्विक आहार दें ताकि शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सके. बच्चे को रोजाना कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी या वज्रासन करने की सलाह दें. साथ ही, घर का सादा और संतुलित खाना अपने बच्चे को खिलाएं.
https://www.youtube.com/watch?v=wos2g5RIGzM
माता-पिता को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें
अगर आपका बच्चा बार-बार पेशाब कर रहा है तो टाइप-1 डायबिटीज की जांच कराएं.
अगर बच्चे में किसी भी तरह का लक्षण दिखे तो उन्हें डराने की वजह आराम से बताने की कोशिश करें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Bacho Me Type 1 Diabetes Hona: आजकल बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज के मामले देखने को मिल रहे हैं. बच्चों में इस बीमारी के लक्षण अचानक नजर आ रहे हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों और कैसे छोटे बच्चे को यह बीमारी अचानक हो सकती है? इसको लेकर बाबा रामदेव का कहना है कि टाइप 1 डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र में हो सकती है. कई बार इसके लक्षण अचानक दिखाई देते हैं और अब बच्चों को भी यह बीमारी नजर आ रही है. इसलिए योग गुरु बाबा रामदेव भी बच्चों की सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने अपनी वीडियो में बच्चों को डायबिटीज जैसी बीमारी से छुटकारा पाने के तरीके बताए हैं.
यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम पैंक्रियाज से इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देती है. इससे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और इंसान को दवा का सहारा लेना पड़ता है.
बच्चे को अचानक टाइप 1 डायबिटीज होने के लक्षण
बार-बार पेशाब आना
ज्यादा थकान
बहुत ज्यादा प्यास लगना
अचानक वजन कम होना
रात में बिस्तर गीला करना
दवा लेने के कारण
कफ कोल्ड सिरप पीने की वजह
बाबा रामदेव ने बताया बच्चे की टाइप 1 डायबिटीज को कैसे ठीक करें
बाबा रामदेव ने बताया है कि आजकल बच्चों को डायबिटीज होने की सबसे बड़ी वजह दवाएं हैं जिसे माता-पिता बिना सोचे-समझे आसानी से खिला देते हैं. इन दवाओं से बच्चे की किडनी पर असर पड़ता है और कई बार डायबिटीज होने के भी संकेत नजर आते हैं.
बाबा रामदेव सर्दी-जुकाम होने पर घरेलू उपचार करने की सलाह देते हैं. ऐसे में अगर आपके बच्चे को डायबिटीज हो गई है तो योग को रूटीन में शामिल करें. योग करने से शरीर में इंसुलिन लेवल में आता है.
बच्चों को योग, प्राणायाम और सात्विक आहार दें ताकि शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सके. बच्चे को रोजाना कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी या वज्रासन करने की सलाह दें. साथ ही, घर का सादा और संतुलित खाना अपने बच्चे को खिलाएं.
माता-पिता को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें
अगर आपका बच्चा बार-बार पेशाब कर रहा है तो टाइप-1 डायबिटीज की जांच कराएं.
अगर बच्चे में किसी भी तरह का लक्षण दिखे तो उन्हें डराने की वजह आराम से बताने की कोशिश करें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.