UTI Causes: यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) को आम भाषा में मूत्राशय का संक्रमण कहते हैं. महिलाओं में यह संक्रमण कई कारणों से हो सकता है. ब्लैडर में बैक्टीरिया जाने पर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है जिसमें दवाएं ना ली जाएं तो इंफेक्शन बढ़ता चला जाता है. लेकिन, कई महिलाओं को हर कुछ दिनों में यूटीआई होने लगता है जिसे रिकरेंट यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन कहते हैं. बार-बार यूटीआई होना साफ-सफाई की कमी या बार-बार बैक्टीरिया के संपर्क में आना ही नहीं है बल्कि इसके कुछ इमोशनल कारण भी हो सकते हैं. इसी बारे में बता रही हैं होम्योपैथिक फिजीशियन डॉ. माही चौहान. डॉक्टर ने बताया कि वो कौन से कारण हैं जो महिलाओं में बार-बार यूटीआई का कारण बनते हैं.
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बार-बार क्यों होता है UTI
डॉक्टर के अनुसार, जब बैक्टीरिया ब्लैडर में जाते हैं तो इससे संक्रमण होता है जिसके कारण पेशाब करते हुए जलन और असहजता महसूस हो सकती है. इससे महिला को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होने लगती है. लेकिन, ब्लैडर का काम सिर्फ यूरिन स्टोर करना ही नहीं है. जो चीजें हमें सूट नहीं करती हैं उसे बाहर निकालना भी ब्लैडर का काम है. डॉक्टर का कहना है कि अगर इमोशनल बाउंड्री ना हो और अगर हम अनकंफर्टेबल हों और ना नहीं कह पाते या जब हम एडजस्ट करते रहते हैं तो महिला का शरीर ब्लैडर के द्वारा सिग्नल देने लगता है. यही वजह है कि महिलाओं को बार-बार यूटीआई होने लगता है. एंटीबायोटिक्स लेने पर इंफेक्शन ठीक होगा लेकिन जबतक इमोशनल सिक्योरिटी नहीं मिलेगी तबतक यूटीआई होता रहेगा.
UTI होने के क्या लक्षण हैं
- यूटीआई होने पर जलन जैसा महसूस होता है.
- बार-बार पेशाब आने लगता है.
- पेल्विक एरिया में दर्द महसूस होता है.
- पेशाब में झाग नजर आने लगता है.
- यूरिन लीक (Urine Leak) होने की दिक्कत हो सकती है.
किन महिलाओं को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बार-बार उन महिलाओं को हो सकता है जो मेनोपॉज से गुजर चुकी हैं. इसके अलावा, वजाइनल डाइफ्रैम का इस्तेमाल करने पर UTI हो सकता है. बहुत लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करने पर भी यूटीआई की संभावना बढ़ती है. किडनी की दिक्कतें, किडनी का इंफेक्शन या कोई बीमारी, ब्लड इंफेक्शन, सेप्सिस, क्रोनिक ब्लैडर पेन या फिर प्रेग्नेंसी में यूटीआई ज्यादा हो सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
UTI Causes: यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) को आम भाषा में मूत्राशय का संक्रमण कहते हैं. महिलाओं में यह संक्रमण कई कारणों से हो सकता है. ब्लैडर में बैक्टीरिया जाने पर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है जिसमें दवाएं ना ली जाएं तो इंफेक्शन बढ़ता चला जाता है. लेकिन, कई महिलाओं को हर कुछ दिनों में यूटीआई होने लगता है जिसे रिकरेंट यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन कहते हैं. बार-बार यूटीआई होना साफ-सफाई की कमी या बार-बार बैक्टीरिया के संपर्क में आना ही नहीं है बल्कि इसके कुछ इमोशनल कारण भी हो सकते हैं. इसी बारे में बता रही हैं होम्योपैथिक फिजीशियन डॉ. माही चौहान. डॉक्टर ने बताया कि वो कौन से कारण हैं जो महिलाओं में बार-बार यूटीआई का कारण बनते हैं.
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बार-बार क्यों होता है UTI
डॉक्टर के अनुसार, जब बैक्टीरिया ब्लैडर में जाते हैं तो इससे संक्रमण होता है जिसके कारण पेशाब करते हुए जलन और असहजता महसूस हो सकती है. इससे महिला को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होने लगती है. लेकिन, ब्लैडर का काम सिर्फ यूरिन स्टोर करना ही नहीं है. जो चीजें हमें सूट नहीं करती हैं उसे बाहर निकालना भी ब्लैडर का काम है. डॉक्टर का कहना है कि अगर इमोशनल बाउंड्री ना हो और अगर हम अनकंफर्टेबल हों और ना नहीं कह पाते या जब हम एडजस्ट करते रहते हैं तो महिला का शरीर ब्लैडर के द्वारा सिग्नल देने लगता है. यही वजह है कि महिलाओं को बार-बार यूटीआई होने लगता है. एंटीबायोटिक्स लेने पर इंफेक्शन ठीक होगा लेकिन जबतक इमोशनल सिक्योरिटी नहीं मिलेगी तबतक यूटीआई होता रहेगा.
UTI होने के क्या लक्षण हैं
- यूटीआई होने पर जलन जैसा महसूस होता है.
- बार-बार पेशाब आने लगता है.
- पेल्विक एरिया में दर्द महसूस होता है.
- पेशाब में झाग नजर आने लगता है.
- यूरिन लीक (Urine Leak) होने की दिक्कत हो सकती है.
किन महिलाओं को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बार-बार उन महिलाओं को हो सकता है जो मेनोपॉज से गुजर चुकी हैं. इसके अलावा, वजाइनल डाइफ्रैम का इस्तेमाल करने पर UTI हो सकता है. बहुत लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करने पर भी यूटीआई की संभावना बढ़ती है. किडनी की दिक्कतें, किडनी का इंफेक्शन या कोई बीमारी, ब्लड इंफेक्शन, सेप्सिस, क्रोनिक ब्लैडर पेन या फिर प्रेग्नेंसी में यूटीआई ज्यादा हो सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.