Teeth Sensitivity Cure: दांतों में झनझनाहट होना एक ऐसी दिक्कत है जिससे अनेक लोग दो-चार होते हैं. इसी बारे में बता रहे हैं डॉ. अजय लोगानी, प्रोफेसर, कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री, एंडोडॉन्टिक्स विभाग, CDER, AIIMS, नई दिल्ली. डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपने कभी ठंडा पानी पीते हुए, आइसक्रीम खाते हुए या चाय पीते हुए दांतों में दर्द या जिंग जैसा महसूस किया है तो आप अकेले नहीं हैं क्योंकि ऐसे लाखों लोग हैं जो दांतों की इस दिक्कत को महसूस करते हैं. इसे डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी (Dentin Hypersensitivity) या डेंटिन सेंसिटिविटी कहते हैं. डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी के क्या कारण हैं, इसके क्या लक्षण होते हैं और इसकी रोकथाम किस तरह की जा सकती है आइए डॉक्टर से ही जानते हैं.

यह भी पढ़ें - किन लोगों को हो सकता है गर्दन का कैंसर? सर्जन ने बताया किन्हें है ज्यादा खतरा, यहां जानिए लक्षण

---विज्ञापन---

दांतों में झनझनाहट के क्या कारण हैं

एक दांत की 3 लेयर्स होती हैं, आउटर इनेमल, इनर डेंटिन और सेंटर में नर्व. दांत का इनेमल एक प्रिवेंटिव लेयर की तरह काम करता है जिससे आप ठंडा, गर्म और मीठा खाने-पीने का आराम से आनंद ले पाते हैं. लेकिन, जब यह इनेमल घिसने लगता है तो नीचे का डेंटिन एक्सपोज हो जाता है. डेंटिन में छोटे-छोटे माइक्रोस्कोपिक चैनल्स होते हैं जो सीधे नर्व से जुड़े होते हैं. इसलिए जब आप खाते-पीते हैं या कभी-कभी ब्रश करते हैं या ठंडी हवा अंदर लेते हैं तो यह सेंसेशन इस चैनल के जरिए सीधे नर्व तक पहुंचती है जिससे अचानक एक या ज्यादा दांतों में दर्द होता है. यह दर्द अचानक होता है और जल्दी चला भी जाता है. लेकिन, समय के साथ यह ज्यादा बार होता है और तेज हो सकता है. इनेमल के डैमेज होने से डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी की शुरुआत होती है.

बहुत जोर से ब्रश करना - इनेमल डैमेज होने के कई कारण हैं, जैसे बहुत जोर से ब्रश करना. कई लोगों को लगता है कि जोर से ब्रश करने से सफाई बेहतर होती है लेकिन असल में ऐसा नहीं है. असल में अगर बहुत जोर से ब्रश किया जाए तो इनेमल धीरे-धीरे घिसने लगता है.

---विज्ञापन---

एसिडिक फूड्स और ड्रिंक्स - दांतों में झनझनाहट होने की वजह खाने-पीने की चीजें भी हो सकती हैं. एसिडिक फूड्स और ड्रिंक्स जैसे सोडा, नींबू पानी और एरेटेड ड्रिंक्स धीरे-धीरे इनेमल को घिसने लगते हैं.

मसूड़ों का पीछे हटना - डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी का एक कारण मसूड़ों का पीछे हटना भी हो सकता है. जब मसूड़े पीछे हटते हैं तो दांत की जड़ का हिस्सा खुल जाता है जो इनेमल से सुरक्षित नहीं होता है. इस वजह से ज्यादा सेंसिटिविटी हो जाती है.

---विज्ञापन---

दांत पीसने की आदत - ब्रुक्सिज्म यानी दांत पीसने की आदत, खासकर नींद में दांत पीसने की आदत, समय के साथ इनेमल को घिस देती है और डेंटिन को एक्सपोज कर देती है.

ट्रीटमेंट्स के कारण - कभी-कभी दंत उपचार जैसे दांतों की वाइटनिंग या मसूड़ों की गहरी सफाई भी प्रोटेक्टिव इनेमल लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इनमें से एक या कई कारण मिलकर इनेमल को क्षति पहुंचा सकते हैं और डेंटिन हाइपरसेंसिटिविटी का कारण बन सकते हैं.

---विज्ञापन---

कैसे दूर होगी दांतों की झनझनाहट

डॉक्टर बताते हैं कि दांतों की झनझनाहट को कंट्रोल किया जा सकता है. इसका उपचार इसके मूल कारण पर निर्भर करता है. अगर सेंसिटिविटी होती है और कोई स्पष्ट कारण जैसे कैविटी, घिसाव, इरोजन ना दिखे तो डिसेंसिटाइजिन टूथपेस्ट के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है. सेंसिटिविटी दूर करने वाले टूथपेस्ट डेंटिन चैनल्स को ब्लॉक करके नर्व तक स्टिमुलस के ट्रांसमिशन को कम करता है जिससे सेंसिटिविटी में राहत मिलती है. लेकिन, इसका सही उपयोग जरूरी है. यह आपके रेग्यूलर टूथपेस्ट का रिप्लेसमेंट नहीं है.

---विज्ञापन---

सेंसिटिव दांतों के लिए टूथपेस्ट का ऐसे करें इस्तेमाल

  • सेंसिटिव दांतों के लिए बनाए गए डिसेंसिटाइजिन टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले रोज की तरह नॉर्मल टूथपेस्ट से ब्रश करें
  • अब साफ उंगली से सेंसिटिविटी वाला टूथपेस्ट लगाएं
  • प्रभावित हिस्से पर हल्के से रगड़ें
  • 3 से 4 मिनट के लिए टूथपेस्ट को लगाकर छोड़ दें
  • अब कुल्ला करके मुंह साफ कर लें.
  • इस टूथपेस्ट का इस्तेमाल उतने ही समय के लिए करना चाहिए जितना आपके डेंटिस्ट ने बताया हो.

अगर सेंसिटिविटी होने का कोई मूल कारण है, जैसे कैविटी, घिसाव, मसूड़ों का पीछे हटना या इरोजन है, तो इन दिक्कतों का डेंटिस्ट से सही इलाज करवाना जरूरी है.

दांतों की झनझनाहट से कैसे बचें

बचाव इलाज से बेहतर है, इसीलिए दिन में 2 बार ब्रश करें और ब्रश करते समय दांतों को जोर से ना घिसें. सॉफ्ट या मीडियम ब्रश का इस्तेमाल करें और समय-समय पर ब्रश बदलें. इसके साथ ही, एसिडिक फूड्स और ड्रिंक्स को सीमित करें. दांत पीसने की आदत से बचें. साथ ही, कम से कम साल में एक बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं.

डॉक्टर का कहना है कि तेज दर्द अचानक नहीं होता है बल्कि यह आपके दांतों का आपको चेतावनी देने का तरीका है. इसे नजरअंदाज ना करें और समय पर कदम उठाएं.

यह भी पढ़ें - कब्ज को दूर रखता है फाइबर, जानिए किन सब्जियों, दालों और फलों में होता है भरपूर, पेट साफ करना हो जाएगा आसान

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source- AIIMS