पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर है और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन पद से इस्तीफा देने के बाद राजा वड़िंग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की. मीटिंग के बाद राजा वड़िंग ने पत्रकारों से बात की तो उनके दिल का दर्द छलक गया. उन्होंने कहा कि राज्य मामलों के प्रभारी सचिन पायलट उनसे इस्तीफा चाहते थे तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया. हालांकि किसी ने साफ-साफ इस्तीफा नही मांगा, लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी साहब जीत गए हैं. क्योंकि वे उनके प्रदेश अध्यक्ष बने रहे का विरोध कर रहे गुट के लीडर हैं.
राहुल गांधी से मुलाकात का जिक्र किया
राजा वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी के साथ मुलाकात में पंजाब की राजनीति पर बात हुई. कई व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों पर भी चर्चा हुई. रही बात पद से इस्तीफा देने की तो लंबे समय से राजनीति में हूं, इसलिए मुझे अच्छी तरह से पता था कि ऐसा क्या हो रहा है. जब मुझे महसूस हुआ कि अब पद छोड़ने का समय आ गया है तो मैंने इस्तीफा दे दिया. वहीं अगर मेरे खिलाफ फीडबैक की बात करें तो पंजाब कांग्रेस के नेताओं का इंटरनल फीडबैक पिछले साढ़े 4 साल से पार्टी हाईकमान के पास है, हां हो सकता है कि सचिन पायलट ने पार्टी हाईकमान को नया फीडबैक दिया होगा. जिसके चलते यह सब हुआ, लेकिन मैं संतुष्ट हूं, क्योंकि मैंने अपनी जिम्मेदारी शिद्दत से निभाई है.
वड़िंग और चन्नी के बीच खुली प्रतिद्वंद्विता
बता दें कि लुधियाना से कांग्रेस सांसद राजा वड़िंग ने विधानसभा चुनाव 2027 से 6 महीने पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. वे अप्रैल 2022 से पद पर थे और 30 सितंबर 2026 को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया. पिछले कई महीनों से उनके और चरणजीत चन्नी के बीच खुली प्रतिद्वंद्विता चल रही थी. अब राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख बनिया समुदाय से पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय इंदर सिंगला, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया दावेदार थे, लेकिन जालंधर छावनी के विधायक और पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई.
चन्नी पंजाब में दलित समुदाय का बड़ा चेहरा
बता दें कि दलित समुदाय के चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब में कांग्रेस पार्टी का सबसे प्रमुख और मजबूत चेहरा माने जाते हैं और वे जुलाई 2026 से प्रदेश में पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के प्रमुख भी हैं. लेकिन राजा वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष रहने से वे असंतुष्ट थे. सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजा वड़िंग के इस्तीफे के पीछे उन्हीं का हाथ है. लेकिन उन्होंने राजा वड़िंग के पद छोड़ने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच जारी गुटबाजी से सभी वाकिफ हैं और कांग्रेस हाईकमान इस गुटबाजी के चलते चुनाव में रिस्क नहीं लेना चाहती. इसलिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से राजा वड़िंग को पद से हटाकर परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया.
पंजाब कांग्रेस में आपसी कलह कैसे शुरू हुई?
1 जुलाई 2026 को कांग्रेस हाई कमान ने राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने की घोषणा की, लेकिन पंजाब कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी ने असहमति जताई. सुखजिंदर सिंह रंधावा भी चन्नी का समर्थन करते दिखे. 5 सितंबर 2026 को सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रिप्लेस किया. 15 सितंबर 2026 को चन्नी और वड़िंग 3 महीने में पहली बार चंडीगढ़ में एक मंच पर सचिन पायलट के साथ दिखे. यहां प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस इस बार मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे को घोषित किए बिना विधानसभा चुनाव लड़ेगी. इसके बाद 30 सितंबर को वड़िंग ने पद छोड़ दिया.