दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी ओरेकल (Oracle) से आई एक खबर ने पूरी टेक इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह छंटनी तब हुई है जब कंपनी ने पिछले 15 वर्षों का सबसे अधिक रेवेन्यू दर्ज किया है.
अब सवाल यह पैदा होता है कि एक मुनाफे वाली कंपनी अपने हजारों कर्मचारियों को क्यों बाहर का रास्ता दिखा रही है. इस छटनी के पीछे क्या वजह हो सकती हैं.
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भारत में सबसे ज्यादा असर
इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर भारत में हुआ है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ओरेकल के करीब 30,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 12,000 को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. यानी भारत के वर्कफोर्स का करीब 40% हिस्सा इस छंटनी की चपेट में आ गया है. भारत के अलावा मेक्सिको जैसे बाजारों में भी बड़े स्तर पर कटौती हुई है.
एआई (AI) की रेस
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, छंटनी की सबसे बड़ी वजह है ओरेकल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर झुकाव. ओरेकल ने OpenAI के लिए एआई डेटा सेंटर बनाने की 156 अरब डॉलर की एक बड़ी डील की है. इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को 30 लाख से ज्यादा स्पेशल चिप्स खरीदने हैं.
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी का खर्च जो दो साल पहले 6.9 अरब डॉलर था, वह इस साल बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इस भारी-भरकम निवेश के लिए फंड जुटाने के चक्कर में कंपनी अपने मौजूदा कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है.
कर्ज का भारी बोझ
ओरेकल सिर्फ निवेश ही नहीं कर रही, बल्कि वह कर्ज के पहाड़ के नीचे भी दबी है. कंपनी पर 108 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज है. इंवेस्टमेंट बैंक टीडी काउएन का अनुमान है कि इस छंटनी से कंपनी को 8 से 10 अरब डॉलर का 'कैश फ्लो' मिलेगा, जिसे वह अपने एआई प्रोजेक्ट्स में लगा सकेगी. बार्कलेज जैसी संस्थाओं ने ओरेकल के कर्ज को 'जंक' स्टेटस के करीब बताया है, जिसका मतलब है कि कंपनी पर डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ गया है.
क्या दांव उल्टा पड़ सकता है?
ओरेकल जिस 'OpenAI' के लिए अरबों डॉलर बहा रही है, उसे लेकर भी अनिश्चितता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI अब Nvidia की नई और तेज चिप्स की तलाश में है. ऐसे में डर यह है कि ओरेकल ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में अरबों खर्च किए हैं, वह कहीं पुराना न पड़ जाए.
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संस्थापक को बड़ा झटका
इस उथल-पुथल का असर कंपनी के शेयरों और उसके संस्थापक की संपत्ति पर भी पड़ा है. ओरेकल का शेयर जो सितंबर 2025 में 346 डॉलर पर था, वह अब गिरकर 146 डॉलर के आसपास आ गया है. इससे लैरी एलिसन की नेटवर्थ में भारी गिरावट आई है.
दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी ओरेकल (Oracle) से आई एक खबर ने पूरी टेक इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह छंटनी तब हुई है जब कंपनी ने पिछले 15 वर्षों का सबसे अधिक रेवेन्यू दर्ज किया है.
अब सवाल यह पैदा होता है कि एक मुनाफे वाली कंपनी अपने हजारों कर्मचारियों को क्यों बाहर का रास्ता दिखा रही है. इस छटनी के पीछे क्या वजह हो सकती हैं.
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भारत में सबसे ज्यादा असर
इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर भारत में हुआ है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ओरेकल के करीब 30,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 12,000 को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. यानी भारत के वर्कफोर्स का करीब 40% हिस्सा इस छंटनी की चपेट में आ गया है. भारत के अलावा मेक्सिको जैसे बाजारों में भी बड़े स्तर पर कटौती हुई है.
एआई (AI) की रेस
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, छंटनी की सबसे बड़ी वजह है ओरेकल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर झुकाव. ओरेकल ने OpenAI के लिए एआई डेटा सेंटर बनाने की 156 अरब डॉलर की एक बड़ी डील की है. इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को 30 लाख से ज्यादा स्पेशल चिप्स खरीदने हैं.
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एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी का खर्च जो दो साल पहले 6.9 अरब डॉलर था, वह इस साल बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इस भारी-भरकम निवेश के लिए फंड जुटाने के चक्कर में कंपनी अपने मौजूदा कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है.
कर्ज का भारी बोझ
ओरेकल सिर्फ निवेश ही नहीं कर रही, बल्कि वह कर्ज के पहाड़ के नीचे भी दबी है. कंपनी पर 108 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज है. इंवेस्टमेंट बैंक टीडी काउएन का अनुमान है कि इस छंटनी से कंपनी को 8 से 10 अरब डॉलर का ‘कैश फ्लो’ मिलेगा, जिसे वह अपने एआई प्रोजेक्ट्स में लगा सकेगी. बार्कलेज जैसी संस्थाओं ने ओरेकल के कर्ज को ‘जंक’ स्टेटस के करीब बताया है, जिसका मतलब है कि कंपनी पर डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ गया है.
क्या दांव उल्टा पड़ सकता है?
ओरेकल जिस ‘OpenAI’ के लिए अरबों डॉलर बहा रही है, उसे लेकर भी अनिश्चितता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI अब Nvidia की नई और तेज चिप्स की तलाश में है. ऐसे में डर यह है कि ओरेकल ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में अरबों खर्च किए हैं, वह कहीं पुराना न पड़ जाए.
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संस्थापक को बड़ा झटका
इस उथल-पुथल का असर कंपनी के शेयरों और उसके संस्थापक की संपत्ति पर भी पड़ा है. ओरेकल का शेयर जो सितंबर 2025 में 346 डॉलर पर था, वह अब गिरकर 146 डॉलर के आसपास आ गया है. इससे लैरी एलिसन की नेटवर्थ में भारी गिरावट आई है.