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Explainer

पाकिस्तान खस्ताहाल, पर भारत कैसे सेफ? जानिए – होर्मुज स्ट्रेट बंद, फिर भी क्यों नहीं हुआ पेट्रोल-डीजल क्राइसिस?

ईरान ने हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट का रूट बंद कर दिया, ये वो रूट है, जिससे ग्लोबल ऑयल का करीब पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है. पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश जैसे कई देश इसी रूट पर निर्भर थे. लेकिन भारत ने अपनी रणनीति से खुद को इस संकट से बचा रखा है.

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Edited By : Arif Khan Updated: Mar 12, 2026 19:16
भारत ने ऐसे संकट से खुद को बचाने के लिए काफी वक्त पहले से तैयारी कर रखी थी.

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद कई देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस का संकट पैदा हो गया है. पाकिस्तान और बांग्लादेश में तो हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपने यहां लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगानी पड़ीं. इसके पीछे की मुख्य वजह है होर्मुज स्ट्रेट बंद करना. ईरान ने हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट का रूट बंद कर दिया, ये वो रूट है, जिससे ग्लोबल ऑयल का करीब पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है. पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश जैसे कई देश इसी रूट पर निर्भर थे. लेकिन भारत ने अपनी रणनीति से खुद को इस संकट से बचा रखा है. जबकि करीब 90% क्रूड ऑयल, 60% एलपीजी और 50% एलएनजी इंपोर्ट करता है. लेकिन भारत ने ऐसे संकट से खुद को बचाने के लिए काफी वक्त पहले से तैयारी कर रखी थी.

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जमीन के नीचे तेल की ‘तिजोरियां’

भारत ने जमीन के सैकड़ों मीटर नीचे रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बना रखे हैं. ये गुफाएं कोई साधारण नहीं हैं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का चमत्कार हैं. ये विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश), मंगलुरु (कर्नाटक) और पादुर (तमिलनाडु) में बनाई हुई हैं. इनमें सबसे पुरानी विशाखापत्तनम में है. इसे करीब 10 साल पहले भारतीय सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड ने तैयार किया था. इनमें कुल मिलाकर 40 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल स्टोर किया जा सकता है. इमरजेंसी में इतना तेल 10 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है.

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सेफ हैं गुफाएं

इन गुफाओं को बाहरी हमले, ड्रोन अटैक और प्राकृतिक आपदाओं से खतरा नहीं रहता. इसके अलावा इनका खर्च भी आता है. इनमें आग लगने या ऑयल लीक होने का खतरा भी कम होता है.

40 देशों से आ रहा है तेल

भारत ने अभी तक इन गुफाओं का इस्तेमाल नहीं किया है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने पर भारत ने दूसरे देशों से तेल आयात करना शुरू कर दिया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहले भारत का 50-55% तेल हॉर्मुज स्ट्रेट से आता था, लेकिन अब 70% आयात दूसरे रूट से हो रहा है. भारत अब यूरोप, लैटिन अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका समेत करीब 40 देशों से तेल खरीद रहा है.

रूस बना संकटमोचक

भारत पहले रूस से काफी तेल खरीदता था. लेकिन ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद इसमें कमी आई थी. लेकिन मार्च 2026 में हालात बदल गए हैं. तेल की किल्लत को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए ‘अस्थायी छूट’ देने का दावा किया था. इस छूट का फायदा उठाते हुए भारत ने समुद्र में टैंकरों में मौजूद 30 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल तुरंत खरीद लिया.

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LPG की गुफा

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है. घरेलू रिफाइनरियों में LPG उत्पादन 25% तक बढ़ा दिया गया है. एलपीजी स्टोरेज के लिए मंगलुरु में विशाल गुफा है. मंगलुरु में पिछले साल ही भारत की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज गुफा शुरू की गई थी. यह 500 मीटर गहरी है. इसमें 80,000 टन गैस जमा की जा सकती है. विशाखापत्तनम में भी 60,000 टन क्षमता की ऐसी ही एक और गुफा है.

First published on: Mar 12, 2026 06:00 PM

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