कौन था वो पाकिस्तानी पहलवान? जिसकी बदौलत एक्टर बने थे दारा सिंह, 1 रोल और भगवान की तरह पूजने लगे लोग
Dara Singh: टीवी की पॉपुलर 'रामायण' में दारा सिंह ने हनुमान का किरदार निभाया था, लेकिन दारा सिंह कभी एक्टिंग नहीं करना चाहते थे. फिर एक पाकिस्तानी पहलवान की बात से उन्हें सीख मिली और उन्होंने फिल्में साइन करना शुरू कर दिया.
Edited By : Nancy Tomar|Updated: May 17, 2026 13:12
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Ramayana. image credit- social media
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
दारा सिंह का करियर
दारा सिंह ने टीवी की 'रामायण' में भगवान हनुमान का किरदार निभाया था, जिसने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी.
दारा सिंह मूल रूप से रेसलिंग में थे और फिल्मों से दूर रहते थे, लेकिन गामा पहलवान की सलाह ने उनकी सोच बदल दी.
गामा पहलवान ने दारा सिंह को सलाह दी कि पहलवानी जवानी तक ही है, जिसके बाद दारा सिंह ने फिल्में साइन करना शुरू किया.
गामा पहलवान
दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह ने बताया कि उनके पिता ने गामा पहलवान की खराब हालत देखकर फिल्मों में आने का फैसला किया.
Dara Singh: टीवी की पॉपुलर 'रामायण' के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ है. फिर चाहे वो राम का किरदार हो या फिर लक्ष्मण और सीता का फिर हनुमान का ही क्यों ना हो? 'रामायण' में दारा सिंह ने भगवान हनुमान का किरदार निभाया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर दारा सिंह पाकिस्तान के पॉपुलर पहलवान की बात ना सुनते, तो वो रेसलिंग की रिंग तक ही रह जाते क्योंकि उनका फिल्मों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था.
कौन था पाकिस्तानी पहलवान?
दरअसल, रुस्तम-ए-हिंद गामा पहलवान की एक बात सुनते ही दारा सिंह ने फिल्में साइन करना शुरू कर दिया था. गामा पहलवान की बात करें तो वो पाकिस्तान का पॉपुलर नाम थे और वहां के सबसे बड़े पहलवानों में आथे थे. जवानी तक उनका समय बेहद ठीक था, लेकिन लाइफ के आखिरी दिनों में उनका बुरा हाल हो गया था.
रेसलिंग में होता था जलवा
जिंदगी के आखिरी पलों में गामा पहलवान इतने कमजोर हो गए थे कि वो अपने चेहरे पर बैठी मक्खी तक नहीं उड़ा पाते थे. दारा सिंह को जब उनकी हालत के बारे में पता लगा, तो वो उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे. ये वो टाइम था, जब रेसलिंग में दारा सिंह का बहुत जलवा था और उस समय उन्हें फिल्मों के भी बहुत ऑफर आते थे.
विंदू दारा सिंह ने शेयर किया किस्सा
भले ही दारा सिंह को फिल्मों के खूब ऑफर आते थे, लेकिन वो हां नहीं भरते थे. दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह ने अपने पिता और गामा पहलवान से जुड़ा किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा कि पापा के पास बहुत फिल्मों के ऑफर आते थे, लेकिन वो हां नहीं करते थे क्योंकि वो सिर्फ रेसलिंग करना चाहते थे.
गामा पहलवान से मिलने गए
विंदू ने कहा कि जब पापा, गामा से मिलने के लिए गए, तो देखा कि गामा अपनी नाक पर बैठी मक्खी भी नहीं उड़ा पा रहे हैं. किसी ने बोला कि दारा सिंह मिलने आया है, पहलवान जी. इसके बाद गामा पहलवान ने सिर ऊपर किया और पापा को देखा और वो बहुत खुश हुए थे.
गामा पहलवान की बात ने बदली सोच
उन्होंने आगे कहा कि आजा दारा आजा, गामा का हाल देख ले. दुनिया का सबसे स्ट्रॉन्ग आदमी ऐसे पड़ा है. इसके बाद उन्होंने पापा से कहा कि मेरी एक बात याद रखना, जब तक जवानी है, तब तक पहलवानी है, उसके बाद कुछ नहीं. गामा पहलवान ने दारा सिंह से कहा था कि अपनी लाइफ मेरी जैसी मत करना.
एक रोल और पूजने लगे थे लोग
इसके बाद गामा पहलवान का हाल देखकर दारा सिंह उस प्लैशबैक में चले गए जब प्रोड्यूसर उन्हें साइन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो फिल्में रिजेक्ट कर रहे थे. उन्होंने सोचा कि मैं सिर्फ कुश्ती लड़ रहा हूं, कहीं मेरा भी गामा जैसा हाल ना हो जाए. इसके बाद दारा सिंह इंडिया आए और उन्होंने फिल्में साइन करना शुरू कर दिया. दारा सिंह ने अपने करियर में कई किरदार निभाए, लेकिन भगवान हनुमान के रोल में लोग उन्हें पूजते थे.
Dara Singh: टीवी की पॉपुलर ‘रामायण’ के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ है. फिर चाहे वो राम का किरदार हो या फिर लक्ष्मण और सीता का फिर हनुमान का ही क्यों ना हो? ‘रामायण’ में दारा सिंह ने भगवान हनुमान का किरदार निभाया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर दारा सिंह पाकिस्तान के पॉपुलर पहलवान की बात ना सुनते, तो वो रेसलिंग की रिंग तक ही रह जाते क्योंकि उनका फिल्मों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था.
कौन था पाकिस्तानी पहलवान?
दरअसल, रुस्तम-ए-हिंद गामा पहलवान की एक बात सुनते ही दारा सिंह ने फिल्में साइन करना शुरू कर दिया था. गामा पहलवान की बात करें तो वो पाकिस्तान का पॉपुलर नाम थे और वहां के सबसे बड़े पहलवानों में आथे थे. जवानी तक उनका समय बेहद ठीक था, लेकिन लाइफ के आखिरी दिनों में उनका बुरा हाल हो गया था.
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रेसलिंग में होता था जलवा
जिंदगी के आखिरी पलों में गामा पहलवान इतने कमजोर हो गए थे कि वो अपने चेहरे पर बैठी मक्खी तक नहीं उड़ा पाते थे. दारा सिंह को जब उनकी हालत के बारे में पता लगा, तो वो उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे. ये वो टाइम था, जब रेसलिंग में दारा सिंह का बहुत जलवा था और उस समय उन्हें फिल्मों के भी बहुत ऑफर आते थे.
विंदू दारा सिंह ने शेयर किया किस्सा
भले ही दारा सिंह को फिल्मों के खूब ऑफर आते थे, लेकिन वो हां नहीं भरते थे. दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह ने अपने पिता और गामा पहलवान से जुड़ा किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा कि पापा के पास बहुत फिल्मों के ऑफर आते थे, लेकिन वो हां नहीं करते थे क्योंकि वो सिर्फ रेसलिंग करना चाहते थे.
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गामा पहलवान से मिलने गए
विंदू ने कहा कि जब पापा, गामा से मिलने के लिए गए, तो देखा कि गामा अपनी नाक पर बैठी मक्खी भी नहीं उड़ा पा रहे हैं. किसी ने बोला कि दारा सिंह मिलने आया है, पहलवान जी. इसके बाद गामा पहलवान ने सिर ऊपर किया और पापा को देखा और वो बहुत खुश हुए थे.
गामा पहलवान की बात ने बदली सोच
उन्होंने आगे कहा कि आजा दारा आजा, गामा का हाल देख ले. दुनिया का सबसे स्ट्रॉन्ग आदमी ऐसे पड़ा है. इसके बाद उन्होंने पापा से कहा कि मेरी एक बात याद रखना, जब तक जवानी है, तब तक पहलवानी है, उसके बाद कुछ नहीं. गामा पहलवान ने दारा सिंह से कहा था कि अपनी लाइफ मेरी जैसी मत करना.
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एक रोल और पूजने लगे थे लोग
इसके बाद गामा पहलवान का हाल देखकर दारा सिंह उस प्लैशबैक में चले गए जब प्रोड्यूसर उन्हें साइन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो फिल्में रिजेक्ट कर रहे थे. उन्होंने सोचा कि मैं सिर्फ कुश्ती लड़ रहा हूं, कहीं मेरा भी गामा जैसा हाल ना हो जाए. इसके बाद दारा सिंह इंडिया आए और उन्होंने फिल्में साइन करना शुरू कर दिया. दारा सिंह ने अपने करियर में कई किरदार निभाए, लेकिन भगवान हनुमान के रोल में लोग उन्हें पूजते थे.