Kangana Ranaut की ‘इमरजेंसी पर मंडराया खतरा, इस राज्य में रिलीज नहीं होगी फिल्म?
Punjab Ex CM On Kangana Ranaut Movie Emergency: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' पर संकट के बादल छा गए हैं। फिल्म को सेंसर बोर्ड से अभी तक हरी झंड़ी नहीं मिली है, इसी बीच अब पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने भी फिल्म के मेकर्स को चेतावनी दे दी है। अब सवाल ये है कि क्या फिल्म पंजाब में रिलीज होगी या फिर नहीं।
Edited By : Himanshu Soni|Updated: Sep 1, 2024 20:16
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Punjab Ex CM On Kangana Ranaut Movie Emergency
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Punjab Ex CM On Kangana Ranaut Movie Emergency: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' विवादों में आ गई है। फिल्म की रिलीज से पहले ही ये मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन चुका है। अब पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फिल्म की रिलीज को लेकर एसजीपीसी से अनुमति लेने के लिए कह दिया है जिसके बाद इस पर नए विवाद की शुरुआत हो गई है। क्या है पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं।
एसजीपीसी की परमिशन पर जोर
पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को तब तक रिलीज नहीं किया जा सकता जब तक कि एसजीपीसी यानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से इसकी परमिशन नहीं मिल जाती। चन्नी ने ये भी कहा कि अगर फिल्म में सिख इतिहास को लेकर कुछ भी दिखाया जा रहा है, तो इसकी स्वीकृति एसजीपीसी से प्राप्त करनी जरूरी है। उन्होंने फिल्म निर्माता और कंगना रनौत को ये सलाह दी कि वो एसजीपीसी से उचित सर्टिफिकेट लेकर ही फिल्म को रिलीज करें।
पंजाब की सांप्रदायिक एकता पर बोले चन्नी
पंजाब के पूर्व सीएम चन्नी ने ये भी कहा कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का सांप्रदायिक भाईचारा बेहद अहम है और इसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने फिल्म को लेकर किसी भी तरह की विवादित स्थिति से बचने के लिए कंगना को सलाह दी कि वो इसे बहुत गंभीरता से लें। उनका कहना था कि पंजाब का इतिहास हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के बीच प्यार और शांति का है और यहां दंगा-फसाद की कोई घटना नहीं हुई है।
फिल्म को लेकर हो रहा विवाद
कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' फिल्म को लेकर पहले ही कई विवाद उठ चुके हैं। फिल्म के नाम से ही साफ हो जाता है कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकालीन शासन को दिखाया गया है। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके खिलाफ एफआईआर की मांग की जा चुकी है और पंजाब की एसजीपीसी और अकाल तख्त ने फिल्म पर बैन की मांग की है।
सेंसर बोर्ड की मंजूरी पर संकट
फिल्म की रिलीज की तारीख करीब आ चुकी है, लेकिन सेंसर बोर्ड से अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। फिल्म की रिलीज में महज पांच दिन बचे हैं और सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन पर आपत्ति जताई है। ये भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है कि जब तक फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता, इसे रिलीज किया जाएगा या नहीं।
कंगना को मिली जान से मारने की धमकी
आपको बता दें फिल्म की रिलीज से पहले कंगना को मिली जान से मारने की धमकियों की भी खबरें सामने आ रही हैं। इन धमकियों के बावजूद कंगना ने कहा है कि उन्हें इस तरह की धमकियों से डर नहीं लगता और वो अपनी फिल्म की रिलीज को लेकर आशान्वित हैं।
कुल मिलाकर 'इमरजेंसी' फिल्म को लेकर उठ रहे विवाद और एसजीपीसी से अनुमति लेने की मांग ने इसे एक नई राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बना दिया है। अब देखना ये है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिलती है या नहीं और इसके रिलीज पर क्या असर पड़ता है।
यह भी पढ़ें: कभी जान से मारने की धमकी, कभी फिल्म पर रोक की मांग; क्या रिलीज नहीं होगी कंगना की Emergency?
Punjab Ex CM On Kangana Ranaut Movie Emergency: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ विवादों में आ गई है। फिल्म की रिलीज से पहले ही ये मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन चुका है। अब पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फिल्म की रिलीज को लेकर एसजीपीसी से अनुमति लेने के लिए कह दिया है जिसके बाद इस पर नए विवाद की शुरुआत हो गई है। क्या है पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं।
एसजीपीसी की परमिशन पर जोर
पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को तब तक रिलीज नहीं किया जा सकता जब तक कि एसजीपीसी यानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से इसकी परमिशन नहीं मिल जाती। चन्नी ने ये भी कहा कि अगर फिल्म में सिख इतिहास को लेकर कुछ भी दिखाया जा रहा है, तो इसकी स्वीकृति एसजीपीसी से प्राप्त करनी जरूरी है। उन्होंने फिल्म निर्माता और कंगना रनौत को ये सलाह दी कि वो एसजीपीसी से उचित सर्टिफिकेट लेकर ही फिल्म को रिलीज करें।
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पंजाब की सांप्रदायिक एकता पर बोले चन्नी
पंजाब के पूर्व सीएम चन्नी ने ये भी कहा कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का सांप्रदायिक भाईचारा बेहद अहम है और इसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने फिल्म को लेकर किसी भी तरह की विवादित स्थिति से बचने के लिए कंगना को सलाह दी कि वो इसे बहुत गंभीरता से लें। उनका कहना था कि पंजाब का इतिहास हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के बीच प्यार और शांति का है और यहां दंगा-फसाद की कोई घटना नहीं हुई है।
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फिल्म को लेकर हो रहा विवाद
कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ फिल्म को लेकर पहले ही कई विवाद उठ चुके हैं। फिल्म के नाम से ही साफ हो जाता है कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकालीन शासन को दिखाया गया है। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके खिलाफ एफआईआर की मांग की जा चुकी है और पंजाब की एसजीपीसी और अकाल तख्त ने फिल्म पर बैन की मांग की है।
सेंसर बोर्ड की मंजूरी पर संकट
फिल्म की रिलीज की तारीख करीब आ चुकी है, लेकिन सेंसर बोर्ड से अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। फिल्म की रिलीज में महज पांच दिन बचे हैं और सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन पर आपत्ति जताई है। ये भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है कि जब तक फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता, इसे रिलीज किया जाएगा या नहीं।
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कंगना को मिली जान से मारने की धमकी
आपको बता दें फिल्म की रिलीज से पहले कंगना को मिली जान से मारने की धमकियों की भी खबरें सामने आ रही हैं। इन धमकियों के बावजूद कंगना ने कहा है कि उन्हें इस तरह की धमकियों से डर नहीं लगता और वो अपनी फिल्म की रिलीज को लेकर आशान्वित हैं।
कुल मिलाकर ‘इमरजेंसी’ फिल्म को लेकर उठ रहे विवाद और एसजीपीसी से अनुमति लेने की मांग ने इसे एक नई राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बना दिया है। अब देखना ये है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिलती है या नहीं और इसके रिलीज पर क्या असर पड़ता है।