6 क्लास के लिए अब 2027-28 के सेशन से लागू हो 'थ्री लैंग्वेज पॉलिसी', सुप्रीम कोर्ट का CBSE को निर्देश

What Is 3 Language Policy: सीबीएसई की ‘थ्री लैग्वेज पॉलिसी’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने छठी क्लास के स्टूडेंट्स को राहत देने के निर्देश दिए हैं, और कहा है कि इस नीति को अगले एकेडमिक सेशन से लागू किया जाए.

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'थ्री लैग्वेज पॉलिसी' पर सुप्रीम कोर्ट का CBSE को निर्देश (Photo-AI and PTI)

Supreme Court On CBSE’s 3 Language Policy: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को सीबीएसई से कहा कि वो क्लास 6 के छात्रों के लिए ‘थ्री लैग्वेज पॉलिसी’ को लागू करने को 2027 में शुरू होने वाले अगले एकेडमिक सेशन तक टालने पर विचार करे. चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच इस भाषा नीति को चुनौती देने वाली एक अर्जी पर सुनवाई कर रही थी. जस्टिस बागची ने सुझाव दिया कि इस देरी से छात्रों को बिना किसी बेवजह की मुश्किल के नई एकेडमिक जरूरत के हिसाब से ढलने में मदद मिल सकती है.

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‘मौजूदा छात्रों को मिले छूट’

कोर्ट ने ये भी कहा कि जो छात्र अभी क्लास 6 में हैं और जो मौजूदा एकेडमिक ईयर के दौरान अपनी मर्जी से 3 भाषाएं पढ़ना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की इजाजत दी जा सकती है. CBSE की तरफ से पेश हुईं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि बोर्ड इस सुझाव पर विचार करेगा और कोर्ट के सामने एक नया नोट पेश करेगा. बेंच ने साफ किया कि उसकी बातें सिर्फ सुझाव थे और इससे पार्टियों के कानूनी अधिकारों या तर्कों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस नीति से जुड़े बड़े कानूनी सवालों पर अलग से विचार किया जाएगा.

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‘थ्री लैंग्वेज पॉलिसी’ का बैकग्राउंड

CBSE का लैं फ्रेमवर्क स्कूली शिक्षा को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और स्कूल एजुकेशन के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) 2023 के हिसाब से ढालने की कोशिश का हिस्सा है. 15 मई के एक सर्कुलर के तहत, बोर्ड ने तीन-भाषा वाला स्ट्रक्चर शुरू किया जिसमें छात्रों को कम से कम 2 भारतीय भाषाएं पढ़नी होती हैं. ये नीति 1 जुलाई 2026 से क्लास 9 पर लागू होगी.

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भाषा की लिस्ट

CBSE की लिस्ट में शामिल भारतीय भाषाओं में हिंदी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती, ओडिया और असमिया वगैरह शामिल हैं. अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, अरबी और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं को तीसरी भाषा के तौर पर सिर्फ 2 भारतीय भाषाओं के बाद या एक अतिरिक्त चौथी भाषा के तौर पर चुना जा सकता है.

CBSE ने उन छात्रों के लिए भी ट्रांजिशनल इंतजाम किए हैं जो पहले से ही 2 गैर-भारतीय भाषाएं पढ़ रहे हैं. जब तक R3 के लिए खास किताबें अवेलेबल नहीं हो जातीं, क्लास 9 के छात्र क्लास 6 की रेलेवेंट R3 किताबों का इस्तेमाल कर सकते हैं. बोर्ड ने ये भी कहा है कि R3 के लिए क्लास 10 की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट इस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 27 मई को सहमत हो गया था और केंद्र, CBSE और NCERT को नोटिस जारी किए थे.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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