उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक पत्नी ने अपने पति को इतनी खौफनाक तरीके से मौत के घाट उतारा कि इंदौर की सोनम रघुवंशी, मेरठ मुस्कान और आगरा की रूबी शर्मा भी पीछे रह गईं. मथुरा की रहने वाली नैना ने अपनी बेटी और उसके लवर के साथ मिलकर अपने ही पति को मार डाला. बेटी के लव रिलेशनशिप का विरोध करने पर नैना ने अपने पति के दूध में पहले नशे की दवाई मिलाई और उसके बेहोश होने पर मूसली से सिर पर वार कर दिया. वो तब तक अपने पति के सिर को कुचलती रही, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. लाश को ठिकाने लगाने के लिए बेटी और उसके प्रेमी ने भी नैना का साथ दिया.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, मृतक मनोज सोनी के बड़े भाई रामबाबू ने पुलिस को ये बताया था कि 18 अप्रैल की रात को मनोज और उसकी पत्नी नैना का झगड़ा हुआ था. इसके बाद से उसकी कोई खैर-खबर नहीं मिली. 21 अप्रैल को नैना ने गोविंद नगर स्टेशन में उसकी गुमशुदगी का प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अगले दिन उसे वापस भी ले लिया. 9 मई को थक-हारकर मनोज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसपर कोई खास एक्शन नहीं हुआ. इसी बीच, 7 जून को नैना घर पर ताला लगाकर अपनी छोटी बेटी को लेकर अचानक कहीं गायब हो गई, जिसके बाद मनोज के परिजनों ने मदद के लिए SSP से गुहार लगाई. उन्होंने सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई. SSP ने तुरंत मां-बेटी को ढूंढने के आदेश दिए, जिसके बाद 11 जुलाई से पुलिस उनकी तलाश में जुट गई.
कैसे खुला राज?
पुलिस ने जब नैना और उसकी बेटी को पूछताछ के लिए लाई तो वो परेशान होकर मायके चली गई. वहां जब पिता ने उससे पूछा तो नैना ने सारा सच उगल दिया. नैना ने बताया कि कैसे बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर मनोज को नशीला पदार्थ मिलाकर दूध पिलाया और बेहोश होने पर उसका सिर मूसली से कुचल दिया. हत्या के बाद बेटी और उसका लवर शव को कंबल में लपेटकर स्कूटी पर यमुना घाट पर ले गए और उसे जला दिया ताकि सारे सबूत मिट जाएं. हत्या का सच पता चलने के बाद पुलिस उस जगह पहुंची, लेकिन यमुना के पानी की वजह से उनके हाथ कुछ खास नहीं लग सका. पुलिस को वो कंबल बरामद हुआ, जिसमें मनोज की लाश को लाया गया था. पुलिस ने नैना के घर से मनोज के जलाए हुए कपड़े और दस्तावेज की राख भी अपने कब्जे में ले ली. इसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया. फिलहाल तीनों पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की जांच की जा रही है.