पंजाब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम बातें सामने आ रही हैं. करीब 54 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मनजीत ने चंडीगढ़ के अस्पताल में दम तोड़ दिया. अब पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के वक्त वह करीब सात सप्ताह की गर्भवती थीं. इस खुलासे के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं उनकी गर्भावस्था इस वारदात की वजह तो नहीं बनी.
पेड़ से बांध कर की पिटाई और फिर लगाई आग
ये मामला 3 जुलाई का है. आरोप है कि मनजीत को उनके परिचित शुभी और पिंडा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 इलाके में मिलने के लिए बुलाया था. इसके बाद दोनों उन्हें कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा ले गए. वहां एक सुनसान जगह पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई. एक परिचित ने उन्हें देखा और आग बुझाने के बाद अस्पताल पहुंचाया. गंभीर हालत में पहले मनजीत का इलाज मोरिंडा और मोहाली में हुआ, जिसके बाद उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया.
पुलिस पर भी उठाए परिवार ने सवाल
मनजीत ने करीब एक महीने बाद 5 अगस्त को होश में आने के बाद पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी. परिवार का आरोप है कि अस्पताल की ओर से सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस समय पर उनका बयान लेने नहीं पहुंची. इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और इसकी जांच की बात सामने आई है.
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पहले हुई थी शादी और फिर तलाक
मनजीत की शादी पहले हो चुकी थी और बाद में उनका तलाक हो गया था. उनका एक सात साल का बेटा भी है, जो अपने पिता के साथ रहता है. रिपोर्ट के मुताबिक, तलाक के बाद मनजीत एक आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं. यही वजह है कि पुलिस अब उनके निजी संबंधों और वारदात से पहले के घटनाक्रम की भी जांच कर रही है.
मनजीत की मौत के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और चंडीगढ़ से मोरिंडा तक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात की पूरी साजिश किस तरह रची गई.
मौत के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
मनजीत कौर ने 26 अगस्त को पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उनकी मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी मां कांता देवी की शिकायत पर अपहरण और हत्या का केस दर्ज किया है. पुलिस अब मामले में नामजद शुभी और पिंदा की तलाश में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है. पुलिस मनजीत के मोबाइल की कॉल डिटेल, घटनास्थल और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे सबूत जुटा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है.