---विज्ञापन---

बिजनेस angle-right

Global Market: कच्चे तेल की गिरती कीमतें पैकेज्ड फूड कंपनियों के लिए क्यों बनीं आफत? समझें इसके पीछे का पूरा गणित

कच्चे तेल (Crude Oil) की गिरती कीमतें आमतौर पर आम जनता और कई उद्योगों के लिए राहत लेकर आती हैं, लेकिन पैकेज्ड फूड (डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ) बनाने वाली वैश्विक कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती खड़ी कर रही हैं।

---विज्ञापन---

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आ रही गिरावट को आमतौर पर महंगाई कम करने वाले एक बड़े कारक के रूप में देखा जाता है। लेकिन, दुनिया की बड़ी पैकेज्ड फूड (Packaged Food) और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों के लिए यह स्थिति मुनाफे के गणित को बिगाड़ने वाली साबित हो रही है। पहली नजर में यह विरोधाभासी लग सकता है क्योंकि तेल सस्ता होने से पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होनी चाहिए, लेकिन इसके पीछे की आर्थिक कड़ियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।

कमोडिटी लिंक्ड प्राइसिंग: कीमतों में कटौती का दबाव

दुनियाभर में नेस्ले, यूनिलीवर और क्राफ्ट हेंज जैसी दिग्गज पैकेज्ड फूड कंपनियों का रेवेन्यू मॉडल काफी हद तक कच्चे माल (कमोडिटीज) की कीमतों से जुड़ा होता है। जब कच्चे तेल के दाम गिरते हैं, तो प्लास्टिक पैकेजिंग (जो पेट्रोकेमिकल्स से बनती है) और माल ढुलाई (Freight) का खर्च काफी कम हो जाता है। लागत कम होने पर बड़े रिटेलर्स (जैसे वॉलमार्ट, टेस्को) और जागरूक उपभोक्ता इन कंपनियों पर अपने तैयार उत्पादों (जैसे स्नैक्स, सूप, रेडी-टू-ईट मील) के दाम घटाने का भारी दबाव बनाने लगते हैं।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : LPG Gas Cylinder Price Today: गैस बुक‍िंग की नई कीमत जारी, द‍िल्‍ली से पटना तक क‍ितने में बुक हो रही गैस; जानें

रेवेन्यू और मार्जिन सिकुड़ने का खतरा
पिछले कुछ वर्षों में high inflation (उच्च महंगाई) के दौर में इन कंपनियों ने कच्चे माल की बढ़ती लागत का हवाला देकर अपने प्रोडक्ट्स के दाम काफी बढ़ा दिए थे, जिससे उनका रेवेन्यू बढ़ा हुआ दिख रहा था। अब तेल की कीमतें गिरने से उन्हें अपनी कीमतों में कटौती करनी पड़ सकती है, जिससे कंपनियों का कुल रेवेन्यू ग्रोथ (Top-line growth) धीमा पड़ जाएगा। अगर कंपनियां दाम नहीं घटाती हैं, तो उन्हें वॉल्यूम (बिक्री की मात्रा) में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि उपभोक्ता सस्ते स्थानीय विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

---विज्ञापन---

इन्वेंट्री लॉस की दोहरी मार
पैकेज्ड फूड कंपनियां अपने कच्चे माल और पैकेजिंग मैटेरियल्स को महीनों पहले एडवांस में (फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए) ऊंचे दामों पर बुक कर लेती हैं। जब बाजार में अचानक कच्चे तेल और उससे जुड़ी कमोडिटीज के दाम गिरते हैं, तो कंपनियों के पास पहले से मौजूद ‘हाई-कॉस्ट इन्वेंट्री’ (महंगा स्टॉक) उनके मुनाफे को चोट पहुंचाता है। उन्हें बाजार के मौजूदा सस्ते दौर में पुराना महंगा माल इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे उनके मार्जिन पर सीधा असर पड़ता है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट पैकेज्ड फूड सेक्टर के लिए एक ‘डबल-एज्ड स्वॉर्ड’ (दोधारी तलवार) की तरह है। तात्कालिक रूप से भले ही इससे परिचालन लागत (Operating Costs) में कुछ सुधार दिखे, लेकिन लंबी अवधि में यह बाजार में डिफ्लेशनरी दबाव (Deflationary Pressure) पैदा करता है, जिससे कंपनियों की प्राइसिंग पावर (कीमत तय करने की क्षमता) कमजोर हो जाती है। यही वजह है कि वॉल स्ट्रीट और वैश्विक शेयर बाजारों में निवेशक इस समय एफएमसीजी (FMCG) और पैकेज्ड फूड कंपनियों के शेयरों को लेकर थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं।

---विज्ञापन---
First published on: Jun 24, 2026 12:48 PM

End of Article

About the Author

Vandana Bharti

BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

Read More

Vandana Bharti

BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola