टाटा ग्रुप (Tata Group) की प्रमोटर कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) के पद छोड़ने की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया. खबर आते ही टाटा समूह के शेयरों में जोरदार बिकवाली (Selling) शुरू हो गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है. सिर्फ एक ही दिन के शुरुआती कारोबार में टाटा ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैप (Market Capitalization) से 46,000 करोड़ रुपये साफ हो गए.
TCS के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट
टाटा समूह की सबसे बड़ी और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर इस खबर का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. कारोबार के दौरान टीसीएस का शेयर 4 से 5 प्रतिशत तक टूट गया था. दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर TCS का शेयर 3.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2350.8 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था.
Tata Sons Chairman Resignation: 18 अगस्त की AGM से पहले बड़ा धमाका! एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा
टाटा ग्रुप के अन्य शेयरों का कैसा रहा हाल?
टीसीएस के अलावा टाटा ग्रुप की लगभग सभी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया. तेजस नेटवर्क 3.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 517.25 रुपये पर आ गया. टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में 1.81 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया. टाटा कम्युनिकेशंस 1.63 प्रतिशत तक नीचे फिसला. जबकि टाटा स्टील 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था.
टाटा टेलीसर्विसेज (TTML) 1.24 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं टाटा पावर और टाटा एल्क्सी दोनों शेयरों में 1.20 प्रतिशत की मंदी देखी गई. इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) का शेयर 1.07 प्रतिशत गिरा. वहीं वोल्टास 0.88 प्रतिशत, टाटा इन्वेस्टमेंट्स 0.69 प्रतिशत और ट्रेंट (Trent) 0.25 प्रतिशत टूट गए.
क्यों घबराए निवेशक?
एन चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे थे. उनके कार्यकाल में टीसीएस, टाटा मोटर्स, टाटा पावर जैसी कंपनियों ने नई ऊंचाइयों को छुआ और कई बड़े प्रोजेक्ट्स (जैसे एयर इंडिया अधिग्रहण और सेमीकंडक्टर प्लांट) शुरू हुए. अचानक उनके पद छोड़ने की खबर से निवेशकों में कंपनी के भावी नेतृत्व (Leadership Shift) को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया, जिसके चलते बाजार में बिकवाली का दौर देखने को मिला.
एन चंद्रशेखरन के जाने से टाटा ग्रुप के शेयरों पर भले ही तात्कालिक दबाव दिख रहा हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा ग्रुप का मजबूत बुनियादी ढांचा (Fundamentals) और मजबूत बैलेंस शीट लंबी अवधि में इन कंपनियों को फिर से संभालने में मदद करेगी.