Tata Sons Chairman Resignation: 18 अगस्त की AGM से पहले बड़ा धमाका! एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

Tata Sons Chairman N Chandrasekaran Resignation: 18 अगस्त की AGM से पहले ही एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है. जानिए टाटा ट्रस्ट्स के साथ तनाव, सर्वसम्मति न बनने और 40 साल के सफर की पूरी कहानी.

tata sons chairman n chandrasekaran

N Chandrasekaran Resigns: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा! जानिए क्यों लिया बड़ा फैसला

भारतीय कॉर्पोरेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. टाटा ग्रुप (Tata Group) की प्रमोटर कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम (AGM) से ठीक पहले आए इस फैसले ने पूरे बिजनेस जगत को चौंका दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के साथ चल रहे तनाव और सर्वसम्मति न बन पाने के कारण चंद्रशेखरन ने यह कदम उठाया है.

विज्ञापन

40 साल तक टाटा ग्रुप को सेवाएं देने वाले एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा क्यों दिया और अपने शेयरहोल्डर्स को क्या संदेश भेजा है, यहां जानें:

विज्ञापन

1987 से शुरू हुआ सफर, ऐसे बने टाटा संस के बॉस

एन चंद्रशेखरन का टाटा ग्रुप के साथ रिश्ता लगभग चार दशक पुराना है. चंद्रशेखरन 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े थे. अपनी काबिलियत के दम पर वे 2009 में टीसीएस के सीईओ और एमडी बने.

विज्ञापन

    साइरस मिस्त्री के हटने के बाद साल 2017 में उन्हें टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की कमान सौंपी गई. बता दें क‍ि टाटा संस के पास टाटा मोटर्स, टीसीएस और एयर इंडिया जैसी दिग्गजों समेत ग्रुप की 30 से ज्यादा बड़ी कंपनियों का कंट्रोल है.

    विज्ञापन

    आखिर क्यों दिया इस्तीफा?
    एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होने वाला था. उन्होंने शेयरहोल्डर्स को जारी बयान में साफ किया कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया. सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके कार्यकाल को 5 साल के लिए बढ़ाने की सिफारिश की थी. टाटा संस की कमिटी और बोर्ड ने भी इसका समर्थन किया था.

      लेक‍िन 24 फरवरी 2026 को जब बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रखा गया, तो सर्वसम्मति नहीं बन सकी क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया. इस बात को 6 महीने बीत चुके थे, लेकिन नेतृत्व को लेकर कोई स्पष्टता नहीं बन पा रही थी.

      विज्ञापन

      चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और इसके कई अहम प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. ऐसे में लीडरशिप को लेकर अनिश्‍च‍ितता रहना ठीक नहीं है. इसलिए उन्होंने बोर्ड से कह दिया है कि वे अब दोबारा इस पद के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे और जल्द ही नया उत्तराधिकारी (Successor) चुन लें.

      टाटा ट्रस्ट्स के पास है 66% हिस्सेदारी
      रॉयटर्स और अन्य सूत्रों के अनुसार, टाटा संस की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स (जिसके पास कंपनी की करीब 66% हिस्सेदारी है) के साथ खींचतान के चलते यह स्थिति पैदा हुई है. तनाव के बीच चंद्रशेखरन ने पद छोड़ना ही बेहतर समझा ताकि कंपनी में सही तरीके से नए नेतृत्व का ट्रांजिशन हो सके.

      विज्ञापन

      एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का अधिग्रहण, सेमीकंडक्टर बिजनेस में एंट्री और डिजिटल सेक्टर में कई बड़े मील के पत्थर हासिल किए. 18 अगस्त की एजीएम से ठीक पहले उनका यह इस्तीफा टाटा ग्रुप में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रहा है.

        न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

        First published on:

        और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

        लेख समाप्त

        लेखक के बारे में

        Vandana Bharti

        Vandana Bharti

        वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
        ... और पढ़ें
        विज्ञापन
        होम पेज पर वापस जाएँ