बाजार पर दिखा ट्रंप टैरिफ का दबाव, Sensex और Nifty गिरावट के साथ खुले

शेयर बाजार आज भी गिरावट के साथ खुला है। मार्केट ओपन होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशाने पर पहुंच गए। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर यह पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि बाजार कुछ दिनों तक दबाव में रह सकता है।

Stock Market
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शेयर बाजार आज गिरावट के साथ के साथ खुला है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सेंसेक्स में 300 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के  निफ्टी में 120 अंकों से अधिक की गिरावट आई, जो समय के साथ चौड़ी होती चली गई। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 300 अंक से अधिक लुढ़क चुका था। बाजार पर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का असर नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 26% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इससे भारत के कुछ सेक्टर्स पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। वैसे, ट्रंप के टैरिफ की घोषणा से अमेरिकी बाजार को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

लाल हुए दिग्गज स्टॉक्स

बाजार में गिरावट के चलते अधिकांश कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। BSE पर लिस्टेड कंपनियों में रिलायंस, अडानी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, SBI और टाइटन जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। वहीं, इस गिरावट वाले बाजार में भी HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर में बढ़त देखने को मिल रही है।

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फार्मा इंडेक्स लुढ़का

निफ्टी फार्मा इंडेक्स में आज बड़ी गिरावट आई है। शुरुआती कारोबार में यह करीब छह प्रतिशत लुढ़क चुका है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स में फार्मा भी शामिल है। भारत अमेरिका को 47% जेनेरिक मेडिसिन की सप्लाई करता है और यह अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम का एक महत्वपूर्ण पार्टनर है। भारत की जेनेरिक दवाएं सस्ती हैं, इस वजह से अमेरिका में इसकी अच्छी डिमांड रहती है। लेकिन टैरिफ बढ़ने से दवाएं भी महंगी हो सकती हैं, जिनसे इसकी यूएस मार्केट पर पकड़ ढीली पड़ सकती है। इस आशंका में आज फार्मा इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई है।

यहां भी दिखा दबाव

फार्मा के अलावा, निफ्टी मेटल इंडेक्स, एनर्जी, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स भी दबाव में कारोबार कर रहा है। माना जा रहा है कि ट्रंप के टैरिफ से भारत का फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, टेक्सटाइल और जेम्स एंड ज्वेलरी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। भारत भले ही सीधे तौर पर अमेरिका को कारों न भेजता हो, लेकिन यूएस के ऑटो पार्ट्स मार्केट में उसकी अच्छी हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2024 में भारत के कुल ऑटो कॉम्पोनेन्ट एक्सपोर्ट्स में अमेरिका की हिस्सेदारी 27% थी। भारत से इंजन पार्ट्स, ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम सहित कई तरह के प्रोडक्ट अमेरिका जाते हैं।

 

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