नई दिल्ली: सोमवार की सुबह निवेशकों के लिए मायूसी भरी रही। बाजार ने सुबह के शुरुआती कारोबार में जो तेजी दिखाई थी, वह महज कुछ ही घंटों में गायब हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से करीब 700 अंक नीचे फिसल चुका है। विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और रुपये में आई भारी कमजोरी ने बाजार के मूड को बिगाड़ कर रख दिया है। अगर आप भी बाजार में निवेशित हैं, तो यह गिरावट आपके पोर्टफोलियो को कैसे प्रभावित करेगी? आइए समझते हैं आज के मार्केट का गणित।
बाजार का हाल (Market Update)
सुबह की शुरुआत में बाजार ने थोड़ी तेजी दिखाई थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहने के बाद मुनाफावसूली (Profit-booking) हावी हो गई। सेंसेक्स (Sensex) दिन के उच्च स्तर से करीब 700 अंक फिसलकर 324 अंक यानी 0.43% की गिरावट के साथ 74,239 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। वहीं निफ्टी (Nifty) में भी 105 अंकों की कमजोरी देखी गई और यह 23,045 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सुस्त बने हुए हैं, जबकि ऑयल एंड गैस और रियलिटी सेक्टर के इंडेक्स में 0.5% की गिरावट देखी गई।
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गिरावट के प्रमुख कारण (Why Market is Falling)
बाजार के जानकारों का मानना है कि चार मुख्य वजहों से दबाव बना हुआ है:
पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूटों को प्रभावित किया है।
कच्चे तेल में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 1% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे महंगाई का डर बढ़ गया है।
FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले कारोबारी सत्र में भारी मात्रा में बिकवाली की थी, जो घरेलू बाजार के लिए चिंता का विषय है।
रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में 13 पैसे की गिरावट आई और यह 92.43 के स्तर पर पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब है।
टेक्निकल आउटलुक
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी इस समय महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन पर खड़ा है। अगर निफ्टी 23,000 के स्तर को होल्ड नहीं कर पाता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है। बाजार के जानकार सलाह दे रहे हैं कि जब तक इंडेक्स 23,330 के ऊपर निर्णायक रूप से बंद नहीं होता, तब तक सतर्क रहना जरूरी है। बाजार में अभी काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें।
नई दिल्ली: सोमवार की सुबह निवेशकों के लिए मायूसी भरी रही। बाजार ने सुबह के शुरुआती कारोबार में जो तेजी दिखाई थी, वह महज कुछ ही घंटों में गायब हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से करीब 700 अंक नीचे फिसल चुका है। विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और रुपये में आई भारी कमजोरी ने बाजार के मूड को बिगाड़ कर रख दिया है। अगर आप भी बाजार में निवेशित हैं, तो यह गिरावट आपके पोर्टफोलियो को कैसे प्रभावित करेगी? आइए समझते हैं आज के मार्केट का गणित।
बाजार का हाल (Market Update)
सुबह की शुरुआत में बाजार ने थोड़ी तेजी दिखाई थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहने के बाद मुनाफावसूली (Profit-booking) हावी हो गई। सेंसेक्स (Sensex) दिन के उच्च स्तर से करीब 700 अंक फिसलकर 324 अंक यानी 0.43% की गिरावट के साथ 74,239 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। वहीं निफ्टी (Nifty) में भी 105 अंकों की कमजोरी देखी गई और यह 23,045 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स सुस्त बने हुए हैं, जबकि ऑयल एंड गैस और रियलिटी सेक्टर के इंडेक्स में 0.5% की गिरावट देखी गई।
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बाजार के जानकारों का मानना है कि चार मुख्य वजहों से दबाव बना हुआ है:
पश्चिम एशिया में तनाव: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूटों को प्रभावित किया है।
कच्चे तेल में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 1% बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे महंगाई का डर बढ़ गया है।
FII की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले कारोबारी सत्र में भारी मात्रा में बिकवाली की थी, जो घरेलू बाजार के लिए चिंता का विषय है।
रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में 13 पैसे की गिरावट आई और यह 92.43 के स्तर पर पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब है।
टेक्निकल आउटलुक
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी इस समय महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन पर खड़ा है। अगर निफ्टी 23,000 के स्तर को होल्ड नहीं कर पाता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है। बाजार के जानकार सलाह दे रहे हैं कि जब तक इंडेक्स 23,330 के ऊपर निर्णायक रूप से बंद नहीं होता, तब तक सतर्क रहना जरूरी है। बाजार में अभी काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान रखें।