शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिली। मार्केट खुलने के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन और रेड लाइन के बीच झूलते रहे। हालांकि, आखिरी घंटे में बाजार संभलता नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 288.99 अंक चढ़कर 77,023.88 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 108.65 अंकों की तेजी के साथ 23,437.20 पर बंद हुआ। जबकि कल बाजार में शानदार तेजी दर्ज हुई थी। मार्केट के आज के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के 4 प्रमुख कारण रहे।
यूएस -चीन ट्रेड वॉर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही टैरिफ पर 90 दिनों की राहत दी है, लेकिन चीन के साथ अमेरिका का टकराव बढ़ता जा रहा है। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिका ने चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 245% कर दिया है। वहीं, चीन ने भी बोइंग सहित अमेरिकी कंपनियों के साथ कारोबार पर रोक लगा दी है। इस बीच, हांगकांग ने ऐलान किया है कि अब वो अमेरिका से आने वाले या जाने वाले पार्सल को हैंडल नहीं करेगा। हांगकांग सरकार ने यह कदम ट्रंप के 800 डॉलर से कम के पैकेज की अमेरिका में एंट्री पर मिलने वाली छूट को खत्म करने के मद्देनजर उठाया है। हांगकांग का कहना है कि अमेरिका अनुचित व्यवहार कर रहा है। इससे ट्रेड वॉर तेज होने की आशंका गहरा गई है।
मुनाफावसूली
पिछले दो सत्रों में बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिली थी, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़ी है। इसका कुछ फायदा उन्होंने आज उठाया। प्रॉफिट बुकिंग के लिए उन्होंने कुछ शेयर बेचे, जिससे बाजार का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। पिछले साल अक्टूबर से मार्केट ने निवेशकों को काफी परेशान किया है, ऐसे में जब-जब बाजार बड़ी छलांग लगाता है, निवेशक मुनाफावसूली कर लेते हैं।
कमजोर वैश्विक संकेत
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत ने भी भारतीय बाजार की चाल प्रभावित की। 15 अप्रैल को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। यूएस के प्रमुख इंडेक्स नैस्डेक में 0.049%, S&P 500 में 0.17% और Dow Jones में 0.38% की गिरावट आई। इससे पता चलता है कि अमेरिकी बाजार में भी डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितत बरकरार है। इसके अलावा, एशिया के अन्य बाजार भी दबाव में रहे। जापान का Nikkei 225, दक्षिण कोरियाई का कोस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग, ताइवान का TAIEX और चीन का SSE Composite नरमी के साथ खुले।
सरकार का ये फैसला
सरकार ने एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइसिंग मैकेनिज्म (APM) गैस के आवंटन में कटौती का ऐलान किया है। सरकार के इस कदम के बाद सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। महानगर गैस, अडाणी टोटल और इंद्रप्रस्थ गैस के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कंपनियों के लिए एपीएम गैस आवंटन में 15 से 20% की कटौती हुई है, जिससे उनका कुल आवंटन 51% से घटकर लगभग 40% रह गया है।