मुख्य बिंदु
- ओडिशा की राजधानी में पहली बार AI डेटा सेंटर बनने जा रहा है.
- भुवनेश्वर में AI डेटा सेंटर के लिए 14,257 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट होगा.
- ये एआई मॉडल लगभग 22 से ज्यादा भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं.
- इसका मकसद ओडिशा को दूसरे राज्यों के लिए कंप्यूट रिसोर्स का नेट एक्सपोर्टर बनाना है.
Rs 14,257 Crore For Odisha’s First AI Data Centre: भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़े कदम के तौर पर एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने भुवनेश्वर में बनने वाले ओडिशा सॉवरेन एआई पार्क में अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर बनाने के लिए 14,257 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का ऐलान किया है. ये अहम प्रोजेक्ट एचसीएल टेक, बेंगलुरु के एआई स्टार्टअप ‘सर्वम’ और ओडिशा सरकार को एक रणनीतिक 3 तरफा साझेदारी में एक साथ लाता है.
ओडिशा सरकार करेगी मदद
इस बड़े निवेश में राज्य सरकार की फाइनेंशियल मदद भी शामिल है. ये भारत के तेजी से बढ़ते सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एचसीएल टेक की स्ट्रेटेजिक एंट्री का संकेत है. ये फैसिलिटी एचसीएल के हाल ही में ऐलान किए गए ‘फुल-स्टैक एआई’ टारगेट्स के लिए एक अहम आधार बनेगी. इसमें कंपनी की एंटरप्राइज-लेवल क्षमताओं को ‘सर्वम’ के स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल के साथ मिलाकर इंडस्ट्री-स्पेसिफिक AI सॉल्यूशन डेवलप किए जाएंगे.
कई भाषाओं में सर्विस
भारत के सॉवरेन एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया ये डेटा सेंटर बहुभाषी AI सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है. इससे जमीनी स्तर पर फायदा पहुंचेगा और साथ ही प्राइवेट कंपनियों और सरकारी क्षेत्र की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा. सबसे अहम बात ये है कि ये फैसिलिटीज सरकार के कड़े सॉवरेनिटी प्रोटोकॉल का पालन करेगी, जिससे डेटा सिक्योरिटी और नियमों का कंप्लायंस एनश्योर होगा.
यह भी पढ़ें- अपने PF Account का बैलेंस ऑनलाइन और ऑफलाइन कैसे चेक करें? इन ईजी स्टेप्स में हो जाएगा काम
‘आत्मनिर्भर भारत’ की तरफ कदम
इस प्रोजेक्ट को तब आधिकारिक गति मिली जब ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी की मौजूदगी में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर दस्तखत किए गए. इस दौरान दोनों टेक्नोलॉजी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और कॉर्पोरेट लीडर भी मौजूद थे. एचसीएल टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने भारत की एआई सॉवरेनिटी को मजबूत करने के लिए कंपनी की कमिटमेंट पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि वैल्यू चेन में केंद्रित निवेश और साझेदारियां’डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को आगे बढ़ाएंगी.
क्या फैसिलिटीज मिलेंगी?
ओडिशा सॉवरेन एआई पार्क को एक डेडिकेटेड इनोवेशन हब के तौर पर डेवलप करने के बारे में सोचा गया है. इसमें एक ही कैंपस में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च सुविधाएं, स्टार्टअप इनक्यूबेटर, कॉर्पोरेट कंपनियां और सरकारी एप्लीकेशन को एक साथ लाया जाएगा. इस पार्क का लक्ष्य ओडिशा को दूसरे राज्यों के लिए कंप्यूटिंग संसाधनों का नेट प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर बनाना है, जो भारत के डिजिटल विकास में एक अहम मोड़ साबित होगा.
निष्कर्ष
ओडिशा में बनने वाला सॉवरेन एआई पार्क भारत के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम के लिए एक अहम पहल साबित हो सकता है. एचसीएल टेक का 14,257 करोड़ रुपये का निवेश न सिर्फ AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा, बल्कि डेटा सुरक्षा, रिसर्च, स्टार्टअप्स और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. ये प्रोजेक्ट ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्यों को गति देने के साथ-साथ भारत को ग्लोबल एआई फील्ड में कॉम्पिटिव बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
संबंधित खबरें
60% से 63% होगा महंगाई भत्ता! जानें कब होगी घोषणा और कितना मिलेगा एरियर
18 mins agoFD मैच्योर होने के बाद भूल गए पैसा निकालना? जानें आपके पैसों का क्या होगा
47 mins agoगुजरात के पेंशनर्स की महंगाई राहत बढ़कर हुई 443%, 2021 से मिलेगा एरियर
1 hr agoदेश भर में LPG हड़ताल की चेतावनी, डिस्ट्रीब्यूटर्स ने दिया 1 महीने का समय
2 hrs agoसरकार ने E-85 और 100% एथनॉल ईंधन को दी हरी झंडी, क्या सस्ता होगा पेट्रोल?
2 hrs ago1 नवंबर से लागू होंगे ये बदलाव, आपकी जेब और सफर पर पड़ेगा असर
19 hrs agoअब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा 10 लाख रुपये का बीमा, कल से लागू होगा नया नियम
20 hrs agoसोने-चांदी के दाम गिरे, चांदी 2 लाख से नीचे आई; जानें सोने का ताजा भाव
21 hrs agoदिल्ली के इन कर्मचारियों को मिला दिवाली गिफ्ट, बढ़ा महंगाई भत्ता
22 hrs agoनिचले स्तरों से संभला बाजार, सेंसेक्स 73400 और निफ्टी 22700 के पार
22 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines