Rolls Royce CEO PM Modi Meeting: भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था अब दुनिया की बड़ी कंपनियों को भी अपनी तरफ खींच रही है. विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश के साथ अब लग्जरी ब्रांड्स भी साझेदारी करना चाहते हैं. इसी कड़ी में रोल्स-रॉयस के CEO ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत में निवेश और विस्तार की अपनी योजनाओं पर चर्चा की. बुधवार को रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले. इस दौरान उन्होंने भारत में कंपनी की गतिविधियों को बढ़ाने और विकसित भारत मिशन में योगदान देने की अपनी योजना साझा की. यह मुलाकात भारत को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
पीएम मोदी ने जताई खुशी
इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि रोल्स-रॉयस के CEO से मिलकर उन्हें बहुत अच्छा लगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अपनी गतिविधियां बढ़ाने और देश के प्रतिभाशाली और नवाचारी युवाओं के साथ साझेदारी करने के लिए कंपनी के उत्साह का स्वागत है.
It was wonderful meeting Mr. Tufan Erginbilgic, CEO of Rolls-Royce earlier today.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 11, 2026
We welcome Rolls-Royce’s enthusiasm towards scaling up its activities in India and partnering with our innovative and dynamic youth. https://t.co/ZWj3EcQR7c
रोल्स-रॉयस का भारत के लिए बड़ा प्लान
कंपनी की ओर से भी बताया गया कि इस बैठक में भारत में बड़े स्तर पर विस्तार को लेकर चर्चा हुई. रोल्स-रॉयस भारत में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को दुनिया का सबसे बड़ा बनाना चाहती है. इसके साथ ही कंपनी जटिल मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग और हाई-वैल्यू इंजीनियरिंग क्षमताओं को विकसित करने पर भी काम करेगी.
भारत को घरेलू बाजार बनाने की तैयारी
इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी कंपनी के CEO ने संकेत दिया था कि रोल्स-रॉयस भारत को एक प्रमुख और स्थायी बाजार के रूप में विकसित करना चाहती है. कंपनी भारत को अपने लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानती है और यहां लंबे समय तक निवेश की योजना बना रही है.
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
रोल्स-रॉयस ने कहा है कि वह स्थानीय साझेदारियों को मजबूत करने, भारतीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने और देश के सप्लायर्स से ज्यादा खरीद करने की दिशा में काम करेगी. इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
बेंगलुरु में बढ़ाया इनोवेशन नेटवर्क
इसी दिशा में कंपनी ने हाल ही में बेंगलुरु में अपने विस्तारित ग्लोबल कैपेबिलिटी और इनोवेशन सेंटर की शुरुआत की है. यह केंद्र इंजीनियरिंग, तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा और देश के युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा करेगा.
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