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Reliance Share Price Crash: रिलायंस के शेयरों में 4% की भारी गिरावट, 18 लाख करोड़ रुपये के नीचे फिसला मार्केट कैप; क्या है वजह?

रिलायंस में बड़ी गिरावट। मुकेश अंबानी की कंपनी का शेयर 4% टूटा, मार्केट कैप ₹18 लाख करोड़ के नीचे। $110 के पार तेल और सरकार की एक्सपोर्ट ड्यूटी ने बिगाड़ा खेल। क्या ₹1,250 तक गिरेगा भाव? पूरी एनालिसिस यहां पढ़ें

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शेयर बाजार के दिग्गज और इंडेक्स के हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के लिए आज का दिन (6 अप्रैल 2026) काफी भारी साबित हो रहा है। सोमवार को भारी बिकवाली के दबाव के चलते रिलायंस के शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने न केवल मुकेश अंबानी की कंपनी के मार्केट कैप को चोट पहुंचाई है, बल्कि पूरे निफ्टी 50 (Nifty 50) इंडेक्स को भी नीचे खींच लिया है।

आइए समझते हैं रिलायंस के शेयरों में आई इस सुनामी के पीछे के मुख्य कारण और निवेशकों के लिए आगे की राह।

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बाजार में रिलायंस का हाल

शेयर की कीमत: ₹1,298.50 ( 3.88% नीचे)
मार्केट कैप: ₹18 लाख करोड़ के नीचे फिसलकर लगभग ₹17.65 लाख करोड़ पर आ गया।
इंट्राडे लो: शेयर ने BSE पर ₹1,295 का निचला स्तर छुआ (4.13% की गिरावट)।
इंडेक्स पर असर: निफ्टी में HDFC Bank के बाद रिलायंस का दूसरा सबसे बड़ा वजन (8.87%) है, जिसके चलते निफ्टी भी 0.7% तक लुढ़क गया।

गिरावट की 3 सबसे बड़ी वजहें
ईरान-अमेरिका युद्ध और होर्मुज संकट: मध्य पूर्व (West Asia) में बढ़ता तनाव रिलायंस जैसी रिफाइनिंग कंपनियों के लिए चिंता का विषय है। होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका ने तेल की कमी और इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा कर दिया है। पिछले दो हफ्तों में रिलायंस का शेयर 8% से ज्यादा टूट चुका है।

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सरकार का एक्सपोर्ट ड्यूटी वाला झटका: 26 मार्च से सरकार ने डीजल और एटीएफ (ATF – विमान ईंधन) पर दोबारा एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी है।

डीजल: ₹21.50 प्रति लीटर ड्यूटी।
एटीएफ (ATF): ₹29.50 प्रति लीटर ड्यूटी।

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हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस की SEZ रिफाइनरी को न्यायिक फैसलों के कारण इस टैक्स से छूट मिल सकती है, लेकिन बाजार फिर भी मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को लेकर डरा हुआ है।

रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव: ब्रोकरेज फर्म ‘जेफरीज’ (Jefferies) के अनुसार, इस एक्सपोर्ट ड्यूटी के कारण रिलायंस जैसी स्टैंडअलोन रिफाइनिंग कंपनियों के लिए डीजल/ATF स्प्रेड $20 प्रति बैरल तक सीमित हो सकता है, जिससे मुनाफे पर असर पड़ेगा।

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क्या कहते हैं चार्ट्स?
एंजेल वन (Angel One) के राजेश भोसले के अनुसार, रिलायंस का शेयर अपने अहम सपोर्ट लेवल ₹1,330 के नीचे टूट गया है। यह स्तर पिछले कई महीनों से एक मजबूत आधार बना हुआ था। अब शेयर के लिए अगला बड़ा सपोर्ट ₹1,250 के आसपास दिख रहा है। यह लेवल 200-वीकली मूविंग एवरेज और पिछले साल की तेजी का 61.8% रिट्रेसमेंट (गोल्डन रेशियो) है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?
रिलायंस एक फंडामेंटली मजबूत कंपनी है, लेकिन वर्तमान वैश्विक युद्ध की स्थिति और सरकारी टैक्स नीतियों ने शॉर्ट टर्म में अनिश्चितता पैदा कर दी है। फिलहाल सावधानी बरतें और ₹1,250 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखें। रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी में बड़ी गिरावट अक्सर लंबी अवधि के लिए एक्यूमुलेशन (खरीदारी) का मौका होती है, बशर्ते आप भू-राजनीतिक जोखिमों को झेलने की क्षमता रखते हों।

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First published on: Apr 06, 2026 01:18 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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