RBI New Note Update: अब नहीं फटेंगे नोट, भारत में अगले साल आ सकती है प्लास्टिक करेंसी

Plastic Notes in India 2026: आरबीआई 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है. जानिए इसके फायदे और नियम.

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जेब में रखे-रखे भी नहीं फटेगा नोट! RBI ला रहा है एक अनोखी टेक्नोलॉजी

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नई दिल्ली : क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि जेब में रखा 10 या 20 रुपये का नोट पानी में भीगकर गल गया हो या मुड़ने की वजह से फट गया हो? जल्द ही आपको इस झंझट से हमेशा के लिए आजादी मिल सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में कागज के बजाय प्लास्टिक यानी पॉलिमर (Polymer) के नोट लाने की बड़ी तैयारी कर रहा है.

खबरों के मुताबिक, सरकार और आरबीआई अगले साल से देश में 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों का एक पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) शुरू कर सकते हैं. अगर यह ट्रायल सफल रहा, तो साल 2027 से पूरे देश में बड़े पैमाने पर इन नोटों को चलन में लाया जा सकता है. आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि क्या है आरबीआई का यह पूरा प्लान.

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RBI ने शुरू की ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया

इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए आरबीआई की नोट छापने वाली कंपनी (BRBNMPL) ने दुनिया भर के सप्लायर्स से बोलियां (ग्लोबल टेंडर) मंगाई हैं. शुरुआत में दोनों ही डिनॉमिनेशन (10 और 20 रुपये) के लिए 34000-34000 रीम (कागज का बंडल) पॉलिमर शीट मंगाई जा रही है. एक रीम में 500 शीट होती हैं. इन प्लास्टिक नोटों में नकल (नकली नोट) रोकना नामुमकिन होगा. इनमें एक आर-पार दिखने वाली खिड़की (Clear Window), जिसमें महात्मा गांधी का पोर्ट्रेट होगा, मैटेलिक नंबर, मैग्नेटिक थ्रेड और खास शैडो इमेज जैसे हाईटेक फीचर्स होंगे. कंपनियों को 18 अगस्त तक अपने टेंडर जमा करने होंगे.

सुरक्षा के कड़े नियम: चीन और पाकिस्तान से दूरी
देश की सुरक्षा को देखते हुए इस टेंडर में बेहद सख्त शर्तें रखी गई हैं. जो भी विदेशी कंपनी भारत के लिए यह प्लास्टिक मटेरियल सप्लाई करेगी, उसका चीन या पाकिस्तान में चल रहे काम से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए. कंपनियां इन दोनों देशों से कोई कच्चा माल नहीं खरीद सकतीं और न ही ऐसे किसी कर्मचारी को इस प्रोजेक्ट में लगा सकती हैं, जिसने पहले चीन या पाकिस्तान में काम किया हो. भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियों को भारत सरकार की स्पेशल कमेटी (DPIIT) से रजिस्टर्ड होना जरूरी होगा.

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प्लास्टिक नोटों के क्या हैं फायदे?
प्लास्टिक या पॉलिमर नोटों की शुरुआत सबसे पहले 1988 में ऑस्ट्रेलिया ने की थी. आज दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में ऐसे नोट चल रहे हैं. इनके फायदे कुछ इस तरह हैं:

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  1. ये नोट पारंपरिक कागज के नोटों के मुकाबले कई गुना ज्यादा चलते हैं.
  2. ये पानी में भीगने से गलते नहीं हैं और इन्हें आसानी से फाड़ा नहीं जा सकता.
  3. इन पर दिए जाने वाले सिक्योरिटी फीचर्स की नकल करना जालसाजों के लिए बेहद मुश्किल होता है.
  4. हालांकि शुरुआत में इन्हें छापने का खर्च ज्यादा होता है, लेकिन लंबे समय तक चलने के कारण नोट छपाई का कुल खर्च और पर्यावरण पर इसका बुरा असर काफी कम हो जाता है.

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी हाल ही में कहा था कि केंद्रीय बैंक इन नोटों के फायदे और संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है. तो तैयार हो जाइए, जल्द ही आपकी जेब में भी कड़क और चमचमाते प्लास्टिक के नोट नजर आने वाले हैं.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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