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Medical College New Rules: अब कोई भी प्राइवेट कंपनी खोल सकेगी मेडिकल कॉलेज, NMC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव; जानें छात्रों पर क्या होगा असर

NMC Medical College Rules 2026: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब कोई भी प्राइवेट कंपनी देश में मेडिकल कॉलेज खोल सकेगी. पूरी डिटेल यहां पढ़ें.

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नई दिल्ली: देश में डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों और मेडिकल फील्ड में निवेश करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खबर आई है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने मेडिकल कॉलेज खोलने के नियमों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव कर दिया है. अब देश में कोई भी प्राइवेट कंपनी अपना मेडिकल कॉलेज शुरू कर सकेगी.

इस नए फैसले से माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी. आइए, समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और इससे क्या-क्या बदलने वाला है.

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पहले क्या था नियम और अब क्या बदला?

आसान शब्दों में कहें तो पहले सरकार का नियम था कि सिर्फ नॉन-प्रॉफिट (बिना मुनाफे के काम करने वाली) संस्थाएं या सेक्शन-8 के तहत रजिस्टर्ड कंपनियां ही मेडिकल कॉलेज खोल सकती थीं. तो अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा क‍ि सेक्शन-8 कंपनी क्या होती है? दरअसल, इस तरह की कंपनियों का मकसद मुनाफा कमाना नहीं होता. कॉलेज से जो भी कमाई होती थी, उसे मालिक अपनी जेब में नहीं रख सकते थे, बल्कि उसे कॉलेज के विकास या चैरिटी में ही लगाना पड़ता था.

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नए नियम के तहत अब कंपनीज एक्ट 2013 में रजिस्टर्ड कोई भी प्राइवेट या पब्लिक लिमिटेड कंपनी मेडिकल कॉलेज खोल सकेगी. यानी अब कंपनियां कानूनी तौर पर इस सेक्टर से मुनाफा कमा सकेंगी.

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सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

सरकार का मानना है कि नो-प्रॉफिट वाली कड़ी शर्त के कारण देश के बड़े-बड़े बिजनेस ग्रुप और कॉर्पोरेट घराने मेडिकल सेक्टर में निवेश करने से कतरा रहे थे. इसके अलावा, एक कड़वी सच्चाई यह भी थी कि कई संस्थान नो-प्रॉफिट के नाम पर चोरी-छिपे मुनाफा कमा ही रहे थे. अब जब कंपनियां कानूनी रूप से पारदर्शी तरीके से कॉलेज खोलेंगी, तो सरकार को भारी मात्रा में टैक्स भी मिलेगा और देश में मेडिकल का इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा.

फीस को लेकर बढ़ सकती है बहस
इस फैसले का एक दूसरा पहलू भी है, जिसे लेकर चिंता जताई जा रही है. जब प्राइवेट कंपनियां पूरी तरह बिजनेस मॉडल पर कॉलेज चलाएंगी, तो फीस बढ़ने की संभावना काफी ज्यादा है. उदाहरण के लिए, साल 2017 में पालघर में देश का पहला प्राइवेट लिमिटेड मेडिकल कॉलेज वेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज खुला था. साल 2025 में इसकी मैनेजमेंट सीट की फीस 15.7 लाख रुपये थी, जो पूरे राज्य में सबसे ज्यादा थी.

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वैसे भी देश में डीम्ड यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेजों की फीस सबसे ज्यादा होती है, जिन पर किसी का नियंत्रण नहीं है. ऐसे में नए नियम के बाद प्राइवेट कॉलेजों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन आम छात्रों के लिए पढ़ाई कितनी सस्ती रहेगी, इस पर बहस होना तय है.

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First published on: Jul 18, 2026 11:41 AM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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