जालना (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के जालना जिले में पिछले 24 घंटों से पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, जिले के 126 पेट्रोल पंपों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति को बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act) के तहत विशेष आदेश जारी किए हैं।
नए नियम: किसे मिलेगा कितना पेट्रोल?
भीड़ को प्रबंधित करने और स्टॉक को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने रिफ्यूलिंग की अधिकतम सीमा तय कर दी है। दोपहिया वाहन (Bikes/Scooters) अधिकतम 200 रुपये का पेट्रोल और तिपहिया और चार पहिया वाहन (Cars/Autos) अधिकतम 2000 रुपये का ईंधन भरवा सकते हैं। कैन और बोतल पर प्रतिबंध लग गया है। यानी किसी भी बर्तन, बोतल या कैन में पेट्रोल-डीजल देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
स्टॉक की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें
जालना जिला मजिस्ट्रेट (DM) और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी 126 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस (LPG) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लंबी कतारों के कारण केवल अस्थाई रूप से मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें।
एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
प्रशासन ने सभी पंप मालिकों को निर्देश दिए हैं कि एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं में लगे वाहनों को बिना किसी लिमिट के प्राथमिकता के आधार पर ईंधन दिया जाए। साथ ही, हर पेट्रोल पंप को अपने डिस्प्ले बोर्ड पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जेल
अफवाह फैलाने वालों और नियमों का उल्लंघन कर कैन में पेट्रोल देने वाले पंप मालिकों को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और अनावश्यक भीड़ न लगाने की विनती की है।










