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बिजनेस

LPG Supply Latest Update: भारत ने सीधे ईरान से खरीदी गैस, रुपये में भुगतान; क्या अब सस्ते होंगे रसोई गैस के दाम?

भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान से दूरी बनाए रखने के बाद, भारत ने आखिरकार ईरानी एलपीजी (LPG) की पहली खेप खरीद ली है। सबसे खास बात यह है कि इस सौदे का भुगतान रुपये में किया जाएगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

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Written By: Vandana Bharti Updated: Mar 26, 2026 07:53
lpg supply from iran
भारत ईरान के अलावा कई अरब देशों से गैस खरीद रहा है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच भारत ने अपनी रसोई गैस की जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान के साथ हाथ मिलाया है। साल 2019 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने ईरान से एलपीजी (LPG) का कार्गो खरीदा है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका ने ईरान पर लगी पाबंदियों में कुछ ढील देने के संकेत दिए हैं।

चीन की तरफ जा रहा जहाज अब भारत आएगा

सूत्रों के मुताबिक, ईरान से आ रहा यह एलपीजी कार्गो पहले चीन जाने वाला था, लेकिन भारत ने रणनीतिक बातचीत के जरिए इसे अपनी ओर मोड़ लिया है। यह जहाज जल्द ही मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा। इस गैस को देश की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों— IOC (इंडियन ऑयल), BPCL (भारत पेट्रोलियम) और HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के बीच बांटा जाएगा।

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रुपये में भुगतान: डॉलर पर निर्भरता कम
इस डील की सबसे बड़ी विशेषता इसका पेमेंट मोड है। भारत इस गैस का भुगतान भारतीय रुपये में करेगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) पर दबाव कम होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रुपये की साख भी बढ़ेगी। ईरान के साथ रुपी-पेमेंट मैकेनिज्म दोबारा शुरू होना भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक लाभ है।

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है भारत
भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है। पिछले साल की 33.15 मिलियन टन खपत में से बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आया था। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण सप्लाई बाधित हो रही थी, ऐसे में ईरान से सीधी खरीद भारत के लिए लाइफलाइन साबित हो सकती है।

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क्या सस्ता होगा सिलेंडर?
ईरान से गैस खरीदना भारत के लिए लॉजिस्टिक्स के लिहाज से सस्ता पड़ता है क्योंकि दूरी कम है और भुगतान भी रुपये में हो रहा है। अगर भारत भविष्य में ईरान से आयात बढ़ाता है, तो सरकारी तेल कंपनियों की इनपुट कॉस्ट कम होगी, जिसका फायदा आने वाले समय में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती के रूप में आम जनता को मिल सकता है।

First published on: Mar 26, 2026 07:53 AM

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