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Petrol Diesel Price : क्या बढ़ने वाली हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? अब रूस के बजाय अमेरिका से तेल खरीदेगा भारत

Petro Diesel Price: रूस, भारत को क‍िफायती दरों पर कच्‍चा तेल बेचता था. लेक‍िन भारत और अमेर‍िका के बीच हुए ट्रेड डील के बाद भारत को अब रूस के बजाय अमेर‍िका से तेल खरीदना होगा. आइये जानते हैं क‍ि क्‍या भारत में पेट्रोल डीजल के दाम इसके बाद बढ़ जाएंगे :

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सोमवार को भारत और अमेर‍िका के बीच एक र्टेड डील हुई है. इस ताजा डील के अनुसार भारत अब रूस की बजाय अमेर‍िका से तेल की खरीदारी करेगा. रूस, भारत को र‍ियायती दरों पर तेल बेचता था. लेक‍िन डील होने के कारण क्‍योंक‍ि भारत, अमेर‍िका से तेल खरीदने जा रहा है, तो सवाल ये उठता है क‍ि क्‍या अब पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने वाली है? यह एक बहुत ही वाजिब सवाल है. अमेरिका के साथ हुई इस डील का असर आपके पेट्रोल-डीजल के बिल पर दोतरफा हो सकता है. आइये इस बात को समझते हैं:

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पेट्रोल डीजल के दाम पर क्‍या होगा असर?

शॉर्ट टर्म में असर: थोड़ी महंगाई का डर
अब तक भारत रूस से बहुत भारी डिस्काउंट (सस्ता तेल) पर कच्चा तेल खरीद रहा था, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को काफी सहारा मिला. क्‍योंक‍ि इस डील की शर्त के मुताबिक हम अब रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, तो वह डिस्काउंट वाला फायदा खत्म हो जाएगा.

अमेरिकी तेल आमतौर पर रूस के डिस्काउंटेड तेल के मुकाबले थोड़ा महंगा पड़ता है. अगर ट्रांसपोर्टेशन यानी माल ढुलाई का खर्च भी जोड़ दें, तो कच्चे तेल की लैंडिंग कॉस्ट भारत पहुंचने की कीमत बढ़ सकती है. इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी का दबाव बन सकता है.

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लॉन्ग टर्म में असर: स्थिरता की उम्मीद
हालांकि रूस वाला डिस्काउंट जाएगा, लेकिन अमेरिका के साथ हाथ मिलाने के कुछ बड़े फायदे भी हो रहे हैं. जैसे क‍ि सप्लाई की गारंटी म‍िल रही है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है. रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी अस्थिरता के समय अमेरिका से तेल लेना सप्लाई की सुरक्षा देता है.

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इसके अलावा इस ट्रेड डील के कारण अगर रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होता है, जैसा कि कल 40 पैसे हुआ, तो भारत को तेल खरीदने के लिए कम डॉलर देने पड़ेंगे. इससे तेल की कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी न्यूट्रलाइज हो सकती है.

दूसरी ओर रिफाइनिंग में आसानी होगी. क्‍योंक‍ि भारतीय रिफाइनरीज अमेरिकी तेल (Light Sweet Crude) को साफ करने के लिए बहुत अच्छी तरह से डिजाइन हैं, जिससे रिफाइनिंग का खर्च कम आता है.

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फिलहाल सरकार शायद कीमतों को न बढ़ाए क्योंकि बजट 2026 के तुरंत बाद वे जनता को महंगाई का झटका नहीं देना चाहेंगे. लेकिन, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो रूस से सस्ता तेल न मिल पाने की कमी हमारी जेब पर भारी पड़ सकती है.

इस डील में भारत ने अमेरिका से LNG (लिक्विड नेचुरल गैस) खरीदने का भी बड़ा वादा किया है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में आपकी CNG और पाइप वाली रसोई गैस (PNG) की कीमतें ज्यादा स्थिर रह सकती हैं.

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क्‍या वीजा न‍ियमों में भी बदलाव हुए हैं?
भारत और अमेरिका के बीच सोमवार 2 फरवरी 2026 को हुई व्यापार डील एक बड़ी कूटनीतिक जीत तो है, लेकिन जहां तक छात्र वीजा के नियमों का सवाल है, तस्वीर थोड़ी अलग और गंभीर है. अगर आप या आपका कोई परिचित अमेरिका जाने का प्लान कर रहा है, तो इस कड़वे लेकिन जरूरी सच को समझना बहुत महत्वपूर्ण है क‍ि वीजा नियमों में ढील की संभावना कम है.

व्यापारिक सौदे में टैरिफ तो कम हुए हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन और वीजा नियमों को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है. डील के तुरंत बाद भी ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है जो छात्रों को सीधी राहत दे. हाल ही में (7 जनवरी 2026) अमेरिकी दूतावास ने भारतीय छात्रों को सख्त चेतावनी दी है कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने पर उनका वीजा तुरंत रद्द कर उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाएगा. अब वीजा इंटरव्यू से पहले आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा सकती है.

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First published on: Feb 03, 2026 11:23 AM
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