Important News NRI Income Tax: अगर आपकी कंपनी भी ऑफिस के काम से आपको विदेश भेज रही है तो यह खबर पढ़ना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। दरअसल अगर ऐसा होता है तो एम्प्लॉयर को आपको भारत में जितनी सैलरी है उसके अलावा एक निश्चित जीवन निर्वाह भत्ता भी देगा। यह जीवन निर्वाह भत्ता आपके विदेश में रहने और यात्रा के खर्चों की भरपाई के लिए इस्तेमाल हो सकता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या भारत में इसपर टैक्स लगाया जाएगा? जहां जानिए।
भारत में इसपर टैक्स लगाया जाएगा?
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की दिल्ली पीठ ने हाल ही में एक आदेश पारित कर फैसला सुनाया कि ऑस्ट्रिया में काम करने वाला एक एनआरआई और भारत के बाहर सेवाओं का लाभ लेने के लिए अपने भारतीय एम्प्लॉयर से वेतन/जीवनयापन भत्ता पाने वाला व्यक्ति ऐसी आय पर भारत में कोई टैक्स देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।
तो, अगर टैक्स भरने वाला भारतीय नागरिक तो क्या परिणाम अलग होते?
निवासी या गैर-निवासी करदाता (Resident or non-resident taxpayer)
टैक्स कंसल्टेंसी फर्म टैक्सबीरबल के निदेशक चेतन चांडक के मुताबिक, जब इनकम टैक्स की बात आती है, तो रेजीडेंसी का सवाल सबसे पहले आता है (कि करदाता निवासी है या गैर-निवासी भारतीय)। उसके बाद आता है कि इनकम बन कहां हो रही है? (भारत में या विदेश में), और आखिर में आता है कराधान। अगर आप एक भारतीय निवासी हैं, या एक आरओआर (रेजिडेंट और ऑर्डिनरी रेजिडेंट) हैं तो आपको भारत में अपनी विश्वव्यापी यानी वर्ल्डवाइड इनकम पर टैक्स का भुगतान करना होगा। अगर आपने किसी और देश में कमाई गई किसी विदेशी आय पर टैक्स भरा है, तो आप भारत में इसके लिए टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं।
चांडक के मुताबिक, अगर आप एक आरएनओआर (निवासी लेकिन सामान्य निवासी नहीं) या एनआरआई हो तो भारत के बाहर कमाई गई कोई भी विदेशी आय भारतीय टैक्स के दायरे में नहीं आएगी और इसलिए भारत में छूट मिलेगी, भले ही इसका भुगतान भारतीय बैंक में किया गया हो या विदेश में। उन्होंने आगे बताया कि संबंधित भत्तों समेत वेतन, उस स्थान पर अर्जित माना जाता है जहां वास्तविक भौतिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इसलिए, अगर इसे कोई अनिवासी भारतीय विदेश में प्राप्त करता है, तो वह उस देश में कर योग्य होगा।
वेतन (रोजगार से आय) के संदर्भ में, टैक्स फर्म नांगिया एंडर्सन इंडिया के पार्टनर, नीरज अग्रवाल के मुताबिक, एनआरआई और आरएनओआर के लिए, सिर्फ भारत में शारीरिक रूप से मौजूद रहते हुए भारत में प्रदान की गई सेवाओं के लिए उनके द्वारा प्राप्त आय पर कर लगाया जाएगा।
जीवनयापन भत्ते: कर योग्य या नहीं?
अग्रवाल का कहना है कि भारत में किसी कंपनी से किसी कर्मचारी द्वारा एक निश्चित राशि के रूप में लिए गए किसी भी भत्ते को उसकी सैलरी का हिस्सा माना जाता है और उस पर टैक्स लगाया जाता है।
आयकर अधिनियम की धारा 10 (14) का हवाला देते हुए चांडक ने एक निवासी करदाता के संदर्भ में कहा कि किसी के काम के हिस्से के रूप में रहने, यात्रा आदि के लिए किए गए खर्चों के लिए दिया कोई भी मुआवजा भत्ता इस धारा के तहत खर्च की गई सीमा तक टैक्स मुक्त है।
उदाहरण से समझें तो अगर विदेश में काम करने वाला कोई भारतीय निवासी 250 अमेरिकी डॉलर के भत्ते में से 100 अमेरिकी डॉलर खर्च करता है, तो 150 अमेरिकी डॉलर उसकी कर योग्य आय में जोड़ दिए जाएंगे। भारत में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए भी ऐसा ही होगा।
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर, टैक्स, आलोक अग्रवाल ने कर्मचारियों को काम से संबंधित खर्चों के लिए मिलने वाले भत्ते के संदर्भ में बात करते हुए कहा कि अगर आपकी कंपनी आपको ऐसा भत्ता दे रही है, तो यह या तो वास्तविक बिल या कंपनी की तरफ से एक घोषणा द्वारा समर्थित होना चाहिए। कर्मचारी (छोटी राशि के लिए) यह पुष्टि करता है कि दिए गए भत्ते का इस्तेमाल इच्छित उद्देश्य के लिए किया गया था। दोनों के अभाव में, अगर इस राशि पर कोई कर नहीं चुकाया जाता है, तो कर्मचारी या नियोक्ता को कर पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है।