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बिजनेस

हीरे और ज्वेलरी उद्योग को GST सुधारों से मिली बड़ी राहत, लागत घटने से निर्यातकों और ग्राहकों को फायदा

GST Reforms: जीएसटी रिफॉर्म्स में सरकार ने हीरे और आभूषण उद्योग की जीएसटी दरों में बदलाव किए हैं, जो छोटे व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। इन सुधारों से घरेलू मांग बढ़ेगी, उद्योग को समर्थन मिलेगा और भारत का हीरा और आभूषण क्षेत्र दुनिया में और मजबूत होगा।

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Written By: Namrata Mohanty Updated: Sep 10, 2025 12:47

GST Reforms: रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ने शुक्रवार को कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी सुधारों से हीरे और आभूषण उद्योग को बड़ी राहत मिली है। परिषद का कहना है कि डायमंड इम्प्रेस्ट ऑथराइजेशन स्कीम के तहत 25 सेंट तक के प्राकृतिक कटे और पॉलिश किए हुए हीरों के आयात पर IGST (पहले 18%) की छूट देने का निर्णय छोटे डायमंड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और निर्यातकों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इससे उनकी वर्किंग कैपिटल पर दबाव कम पड़ेगा और छोटे निर्माता अपने कारोबार को आसानी से चला सकेंगे।

तोहफा देना होगा किफायती

सरकार ने ज्वेलेरी बॉक्स पर GST दर 12% से घटाकर 5% करने का फैसला लिया है। इससे रिटेल विक्रेताओं और एक्सपोर्टर बक्सों की लागत कम होगी और पैकेजिंग तथा उपहार देना ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती हो जाएगा। GJEPC ने बताया कि यह कदम न केवल व्यापारियों के लिए फायदेमंद है बल्कि कंज्यूमर्स के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

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इंडस्ट्री को होगा मुनाफा

GJEPC के अध्यक्ष किरित भंसाली बताते हैं- ये उपाय घरेलू मांग को बढ़ावा देंगे और हमारी निर्यात आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी सहारा देंगे। इससे वैश्विक चुनौतियां भी पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि उद्योग यह सुनिश्चित करेगा कि हीरा और आभूषण बक्सों की कम लागत का लाभ सीधे भारतीय उपभोक्ताओं को हो सके, जिससे उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ेगा और इंडस्ट्री की लॉन्ग टर्म ग्रोथ हो सकेगी।

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मजबूत होगी भारत की आर्थिक स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुधार से न केवल हीरे और आभूषण उद्योग मजबूत बनेगा बल्कि हस्तशिल्प, चमड़े के सामान और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। ऑपरेशनल कॉस्ट कम होने से कॉम्पिटेटिव क्षमता बढ़ेगी और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत हो सकती है।

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First published on: Sep 10, 2025 12:00 PM

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