ITR Filing 2026: अगर आप यंग प्रोफेशनल हैं और इस साल पहली बार अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने जा रहे हैं, तो 31 जुलाई की डेडलाइन जैसे-जैसे पास आ रही है, थोड़ा घबराना या उलझन होना बिल्कुल लाजमी है. टैक्स फाइलिंग के इस डिजिटल दौर में हर साल नए नियम जुड़ते रहते हैं, जिससे पहली बार आईटीआर भरने वालों के मन में कई सवाल होते हैं.
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटीआर भरना कोई मुश्किल काम नहीं है. अगर आप थोड़ी सी तैयारी कर लें और अपने वित्तीय दस्तावेजों (Financial Documents) को सही तरीके से जांच लें, तो न सिर्फ फाइलिंग बेहद आसान हो जाएगी बल्कि अगर आपका टैक्स रिफंड (Refund) बनता है, तो वह भी खाते में फटाफट आ जाएगा. आइए, समझते हैं कि पहली बार आईटीआर भरते समय आपको किन-किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---
पहली बार ITR भरने वालों के लिए जरूरी चेकलिस्ट
टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आईटीआर सबमिट करने का बटन दबाने से पहले आपको इन पॉइंट्स पर एक बार नज़र जरूर डाल लेनी चाहिए:
---विज्ञापन---
लिंकिंग और बैंक खाते की जांच: सुनिश्चित करें कि आपका पैन कार्ड (PAN), आधार कार्ड और बैंक अकाउंट की जानकारी सही-सही अपडेटेड और आपस में लिंक हो.
---विज्ञापन---
Form 26AS, AIS और TIS का मिलान: अपने फॉर्म 26AS का मिलान एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) से जरूर करें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपकी सैलरी, ब्याज या कटे हुए टीडीएस (TDS) का रिकॉर्ड सरकारी डेटा से मैच कर रहा है या नहीं.
---विज्ञापन---
सही ITR फॉर्म का चुनाव: अपनी कमाई के सोर्स (जैसे- सिर्फ सैलरी, फ्रीलांसिंग, बैंक ब्याज, शेयर मार्केट का मुनाफा या किराए की आय) के हिसाब से सही आईटीआर फॉर्म (जैसे ITR-1 या ITR-4) चुनें.
कमाई का हर जरिया बताएं: केवल अपनी मुख्य सैलरी ही नहीं, बल्कि बैंक सेविंग्स से मिलने वाला ब्याज, पार्ट-टाइम काम, फ्रीलांसिंग या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का ब्याज भी आईटीआर में ईमानदारी से दिखाएं.
टैक्स छूट (Deductions) का दावा: पीएफ (PF), पीपीएफ (PPF), मेडिकल इंश्योरेंस या होम लोन जैसी चीजों पर टैक्स छूट का दावा तभी करें जब आपके पास उनके वैलिड प्रूफ मौजूद हों.
LPG Cylinder Price Today: 14.2 kg और 19 kg सिलेंडर की नई रेट लिस्ट जारी, देखें अपने शहर का दाम
रिफंड वाले बैंक खाते का वेरिफिकेशन: जिस बैंक खाते में आप रिफंड का पैसा मंगाना चाहते हैं, उसका अकाउंट नंबर और आईएफएससी (IFSC) कोड दो बार जरूर चेक करें.
ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) न भूलें: आईटीआर सिर्फ फाइल कर देने से काम पूरा नहीं होता. फाइल करने के बाद दिए गए समय के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होता है, वरना रिटर्न अमान्य (Invalid) माना जाएगा.
कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स पास रखें?
फाइलिंग शुरू करने से पहले अपनी कंपनी से मिला Form 16, अपनी सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, इन्वेस्टमेंट्स के प्रूफ और बैंक से मिले इंटरेस्ट सर्टिफिकेट्स अपने पास डाउनलोड करके रख लें.
Gas Cylinder ATM: क्या अब ATMs से मिलेगा रसोई का ईंधन? जानें भारत का नया मास्टरप्लान
फ्यूचर में काम आएगा आपका क्लीन रिकॉर्ड
पहली बार टैक्स भरना सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आपके वित्तीय सफर की एक बेहतरीन शुरुआत है. एक बार जब आपका आईटीआर रिकॉर्ड साफ-सुथरा बन जाता है, तो भविष्य में जब भी आप होम लोन, एजुकेशन लोन, कार लोन या विदेश यात्रा के लिए वीजा (Visa) अप्लाई करेंगे, तो आपका आईटीआर ही सबसे बड़ा और मजबूत प्रमाण बनेगा.