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Crude Oil Rate Today: कच्चे तेल में फिर लगी आग! लगातार चौथे दिन बढ़े दाम, क्‍या India में बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

Crude Oil Rate Hike: US-Iran तनाव और UAE के नए प्रतिबंधों के बीच लगातार चौथे दिन बढ़े क्रूड ऑयल के दाम. ब्रेंट $91 के पार. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की कीमतों को लेकर आ रही खबरें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हफ्ते के लगातार चौथे दिन कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, वहीं अमरीकी क्रूड WTI भी 85 डॉलर के ऊपर निकल चुका है.

आखिर तेल बाजार में यह भूचाल अचानक क्यों आया है? आइए समझते हैं मिडिल ईस्ट में चल रहे इस नए ड्रामे की पूरी कहानी.

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ट्रम्प का पोस्ट और अमेरिका-ईरान की डेडलॉक

कच्चे तेल में तेजी की पहली बड़ी वजह है अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पूरी तरह ठप होना. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर साफ लिख दिया है कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है और न ही आगे की कोई योजना है. हालांकि, ट्रम्प का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का समुद्री रास्ता खुला है और वहां से माइन (सुरंगें) साफ कर दी गई हैं.

UAE पर मिसाइल हमला और ट्रेड पर लगा बैन
मिडिल ईस्ट के तनाव में तब नया मोड़ आ गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ अपने सारे व्यापारिक और वित्तीय रिश्ते (Trade & Financial Transactions) तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिए. UAE का कहना है कि ईरान ने उसकी तरफ 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है. दोनों देशों के बीच इस नई तल्खी ने वैश्‍विक एनर्जी मार्केट की चिंताएं और बढ़ा दी हैं.

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अमेरिका में तेल का स्टॉक कम, डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर
तेल की कीमतें बढ़ने के पीछे सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सप्लाई और डिमांड का गणित भी है. अमरीकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) के मुताबिक, अमेरिका में कच्चे तेल का स्टॉक लगातार कम हो रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अमेरिका में क्रूड से डीजल बनाने का मार्जिन (Diesel Margin) 100 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, यूएई-ईरान के बिगड़ते रिश्ते और अमेरिका में घटती इन्वेंट्री के कारण फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के संकेत नहीं दिख रहे हैं. अगर यह तेजी ऐसे ही जारी रही, तो आने वाले दिनों में भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और परिवहन की लागत पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है.

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First published on: Aug 19, 2026 06:59 AM

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