---विज्ञापन---

बिजनेस angle-right

Budget Reaction: गली-गली से न‍िकलेंगे YouTuber और इन्फ्लुएंसर! महंगे AI टूल्स की अब भी है चुनौती

सरकार अब गली-गली से यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर निकालने की तैयारी में है. उन्हें ट्रेनिंग और जगह तो मिल जाएगी, लेकिन AI जैसे महंगे टूल्स के लिए उन्हें अभी भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी.

---खबर नीचे जारी है---

देश की व‍ित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश क‍िया है. साल 2026 के आम बजट में एक कदम डिजिटल दुनिया और क्रिएटर्स के ल‍िए भी उठाया गया, ज‍िसके बाद ये कहा जा रहा है क‍ि छोटे-छोटे गांव और कस्‍बों से भी अब कंटेंट क्र‍िएटर न‍िकलेंगे. MSME के ल‍िए ये एक जरूरी कदम है और इससे दुनिया में भारत का डंका बजेगा. सरकार के इस कदम को आइये आसान भाषा में समझते हैं और जानते हैं क‍ि MSME सेक्‍टर इसके बारे में क्‍या सोचता है :

Gold Silver Price: सोने चांदी के दाम में ग‍िरावट जारी, जानें आज क‍ितना सस्‍ता हो गया सोना-चांदी

---खबर नीचे जारी है---

सरकार ने क्‍या ल‍िया है फैसला ?

सरकार देश भर में करीब 15,500 ‘क्रिएटर हब’ (Creator Hubs) बनाने जा रही है. इसका मतलब है कि अब सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों में रहने वाले टैलेंट को भी आगे बढ़ने का मौका और ट्रेनिंग मिलेगी. सरकार का यह फैसला भारत की डिजिटल दुनिया और क्रिएटर्स (Content Creators) के लिए एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है.

बटनशिफ्ट के को-फाउंडर और CEO दीपांकर दास ने सरकार के इस फैसले को लेकर News24 को बताया क‍ि अब तक हम सिर्फ टैलेंट की बातें करते थे, लेकिन अब IICT (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज) की मदद से असल में इंफ्रास्ट्रक्चर (लैब और स्टूडियो) तैयार किया जा रहा है. भारत अभी तक ज्यादातर दूसरे देशों के लिए ‘बैक-एंड’ यानी पीछे रहकर काम करता था. लेकिन इन लैब्स के आने से अब भारतीय क्रिएटर्स अपना खुद का ओरिजिनल कंटेंट बनाएंगे जो पूरी दुनिया में टक्कर देगा.

---खबर नीचे जारी है---

तंबाकू पर 300% बढ़ा टैक्‍स, 18 रुपये वाली सिगरेट के ल‍िए खर्च करने होंगे 72 रुपये!

दीपांकर दास ने कहा क‍ि हालांकि ये बहुत अच्छी शुरुआत है, लेकिन एक चुनौती अभी भी बरकरार है. क्रिएटर्स के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल करना बहुत महंगा पड़ता है. लैब्स तो बन रही हैं, लेकिन AI टेक्नोलॉजी का खर्च क्रिएटर्स को खुद उठाना होगा. उम्मीद है कि अगली बार सरकार इस तरफ भी ध्यान देगी.

---खबर नीचे जारी है---

किन-किन शहरों या राज्यों में सबसे पहले खुलने वाले हैं ये 15500 हब ?
अभी तक के बजट विवरणों और IICT (Indian Institute of Creative Technologies) के रोडमैप के अनुसार, इन 15,500 हब को एक फेज्ड मैनर में खोला जाएगा. सरकार का लक्ष्य इसे टॉप-डाउन के बजाय बॉटम-अप रखना है. यहां जानिए ये हब सबसे पहले कहां और कैसे खुलेंगे:

Budget 2026 : सस्‍ता हो गया अब विदेशी सामान! झोला भर ले आएं सोने के गहने और इलेक्‍ट्रॉन‍िक्‍स

---खबर नीचे जारी है---

पहला चरण: इन 5 राज्यों पर विशेष ध्यान
सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उन राज्यों को चुना है जहां डिजिटल क्रिएटर इकॉनमी पहले से ही बढ़ रही है:

  • उत्तर प्रदेश: यहां के ‘वाराणसी’ और ‘नोएडा’ को बड़े केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा.
  • महाराष्ट्र: मुंबई के अलावा ‘पुणे’ और ‘नागपुर’ में टियर-2 हब खुलेंगे.
  • कर्नाटक: बेंगलुरु को ‘क्रिएटर कैपिटल’ बनाने के लिए यहां सबसे अत्याधुनिक लैब्स होंगी.
  • तमिलनाडु: चेन्नई और कोयंबटूर में क्षेत्रीय भाषा के क्रिएटर्स के लिए विशेष फोकस रहेगा.
  • पश्चिम बंगाल: कोलकाता को पूर्वी भारत का मुख्य क्रिएटर हब बनाया जाएगा.

टियर-2 और टियर-3 शहरों की प्राथमिकता
यह योजना दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों के लिए नहीं, बल्कि छोटे शहरों के लिए है. प्राथमिकता उन शहरों को मिलेगी जहां युवा शक्ति ज्यादा है. इंदौर, जयपुर, पटना, लखनऊ और गुवाहाटी जैसे शहरों में बड़े रीजनल सेंटर बनेंगे. इन शहरों के सरकारी कॉलेजों और आईटीआई (ITI) परिसरों का उपयोग इन लैब्स को बनाने के लिए किया जा सकता है.

---खबर नीचे जारी है---

एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स
सरकार ने 112 ऐसे पिछड़े जिलों की पहचान की है जहां टैलेंट तो है पर साधन नहीं. इन 15,500 हब का एक बड़ा हिस्सा इन जिलों में खुलेगा ताकि वहां के युवा अपने स्थानीय कल्चर और भाषा में वीडियो या कंटेंट बना सकें.

इन लैब्स में मिलेगा क्या?

---खबर नीचे जारी है---
  • हाई-एंड वर्कस्टेशन: वीडियो एडिटिंग के लिए भारी ग्राफिक कार्ड वाले कंप्यूटर.
  • स्टूडियो सेटअप: ग्रीन स्क्रीन, प्रोफेशनल लाइटिंग और साउंड रिकॉर्डिंग गियर.
  • मेंटरशिप: IICT के एक्सपर्ट्स ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास देंगे कि कंटेंट को वायरल कैसे करें और उससे पैसे कैसे कमाएं.

सरकार जल्द ही एक क्रिएटर इंडिया पोर्टल लॉन्च करेगी, जहां आप अपने क्षेत्र के नजदीकी हब के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे.

प्ररुह टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के न‍िदेशक राहुल शर्मा ने कहा क‍ि इस साल का यूनियन बजट टेक्नोलॉजी-आधारित ग्रोथ पर एक मजबूत संकेत देता है, जिसमें AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन पर लगातार फोकस किया गया है, जो MSME इकोसिस्टम में बिजनेस के लिए एक ठोस नींव तैयार करता है. छोटे और बढ़ते एंटरप्राइज़ के लिए, ये उपाय डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को काफी तेजी से बढ़ा सकते हैं, प्रोडक्टिविटी में सुधार कर सकते हैं और कॉम्पिटिशन को बढ़ा सकते हैं. 10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड एक सही समय पर उठाया गया कदम है, जो ऐसे कैपिटल की जरूरत को पूरा करता है, जो MSME को आगे बढ़ने और इनोवेशन में इन्वेस्ट करने में मदद कर सके. जबकि आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त 4,000 करोड़ का आवंटन काबिल एंटरप्राइज के लिए इक्विटी-आधारित ग्रोथ में विश्वास को मज़बूत करता है. लिक्विडिटी पर फोकस करने वाले उपाय जैसे कि बढ़ी हुई क्रेडिट गारंटी, GeM–TReDS इंटीग्रेशन और बेहतर इनवॉइस डिस्काउंटिंग, कैश फ्लो को तेज करके वर्किंग-कैपिटल की चुनौतियों से सीधे निपटते हैं.

---खबर नीचे जारी है---

एनआरआई निवेश संस्थापक और सीईओ, निशांत कोहली ने बजट के बारे में कहा क‍ि इन्वेस्टर्स और भारत के बदलते फाइनेंशियल माहौल से करीब से जुड़े होने के नाते, मैं बजट 2026 को एक कंस्ट्रक्टिव और दूरदर्शी रोडमैप के तौर पर देखता हूं जो सरकार के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ एजेंडा को सही रास्ते पर रखता है. बजट में अनुशासित फिस्कल पॉलिसी, टारगेटेड रिफॉर्म्स और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के साथ-साथ महंगाई को कम करने के उपायों पर जोर देने से सभी सेक्टर्स में भरोसा बढ़ा है.

हेडलाइन टैक्स रेट में बदलाव पर फोकस करने के बजाय, फाइनेंस बिल सरलीकरण और बेहतर कंप्लायंस को प्राथमिकता देता है, जिससे इन्वेस्टर्स का कुल मिलाकर भरोसा मजबूत होता है. NRI के लिए भी उत्साहजनक कदम उठाए गए हैं, एक ऐसा क्षेत्र जहां हमने लगातार फीडबैक दिया है, खासकर कम TDS प्रोसेस को आसान बनाने और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में TAN की जरूरत जैसी प्रैक्टिकल रुकावटों को हटाने के बारे में. इसलिए, इलेक्ट्रॉनिक निल/लोअर TDS सर्टिफिकेट और PAN-बेस्ड कंप्लायंस की दिशा में उठाया गया कदम स्वागत योग्य है.

---खबर नीचे जारी है---

इसके अलावा, IFSC इंसेंटिव्स का मजबूत विस्तार भारत की एक ग्लोबल फाइनेंशियल हब के रूप में उभरने की महत्वाकांक्षा को दिखाता है. कुल मिलाकर, यह एक ग्रोथ-ओरिएंटेड और इन्वेस्टर-फ्रेंडली बजट है.

First published on: Feb 02, 2026 01:44 PM

End of Article

About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

Read More

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं। News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं। बी.कॉम की पढ़ाई द‍िल्‍ली यून‍िवर्स‍िटी से की है और YMCA, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola