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BAT BMS ऐप से टिर्री रोकना पड़ेगा भारी! हो सकती है 3 साल की जेल, 5 लाख तक जुर्माना

BAT BMS नाम की एक ऐप इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. दावा किया जा रहा है कि इसकी मदद से कुछ ई-रिक्शा (टिर्री) को रोका जा सकता है. मामले ने तूल पकड़ने के बाद सरकार ने जांच शुरू कर दी है. जानते हैं इसकी डिटेल्स.

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दावा किया जा रहा है कि इस ऐप की मदद से सड़क पर चल रहे बैटरी वाले ई-रिक्शा (टिर्री) को दूर से बंद किया जा सकता है. वायरल वीडियो में कुछ लोग अपने स्मार्टफोन से ई-रिक्शा रोकते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे चालकों को काफी परेशानी हो रही है. मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने इसकी जांच शुरू कर दी है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और इस ऐप को लेकर क्या-क्या बातें सामने आई हैं.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए. इन वीडियो में कुछ लोग अपने मोबाइल फोन पर मौजूद एक ऐप का इस्तेमाल करके पास से गुजर रहे ई-रिक्शा को अचानक बंद करते दिखाई दिए. कई वीडियो में रिक्शा चालकों को वाहन बंद होने के बाद उसे धक्का लगाते हुए भी देखा गया. वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर इस ऐप की काफी आलोचना हो रही है.

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सरकार ने शुरू की जांच

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार इस पूरे मामले की जांच कर रही है. उन्होंने पीटीआई वीडियो से बातचीत में कहा कि सरकार को सोशल मीडिया के जरिए इस मामले की जानकारी मिली है. उनका कहना है कि ऐसा करना गैर-कानूनी है और उन्हें भरोसा है कि पुलिस भी इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेगी.

एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है. हालांकि, उनके कार्यालय में कई लोगों ने इस मुद्दे की जानकारी दी है. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं.

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ऐप कैसे करती है काम?

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि यह ऐप ब्लूटूथ से जुड़ी लिथियम बैटरी के साथ कनेक्ट हो जाती है. हालांकि, यह केवल सीमित दूरी के भीतर ही काम करती है.

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अधिकारी के अनुसार, इस ऐप को मूल रूप से बैटरी से जुड़ी जानकारी जैसे वोल्टेज, तापमान और करंट की निगरानी के लिए तैयार किया गया था. लेकिन इसमें किसी तरह का पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन सिस्टम नहीं है. इसी वजह से कोई भी व्यक्ति बैटरी के पावर आउटपुट को बंद कर सकता है, जिससे ई-रिक्शा अचानक रुक जाता है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि कई ऐप मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल इसी तरह किया जा सकता है.

आईटी एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई

साइबर सिक्योरिटी कानून पर इंटरनेशनल कमीशन के चेयरमैन पवन दुग्गल ने एएनआई से बातचीत में कहा कि यह सिर्फ एक शरारत नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है. उनके अनुसार, आज का ई-रिक्शा केवल एक वाहन नहीं है, बल्कि एक कंप्यूटर सिस्टम की तरह भी काम करता है, जिसमें डिजिटल सिस्टम और मेमोरी फंक्शन मौजूद होते हैं.

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उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति रिक्शा मालिक की जानकारी या अनुमति के बिना उसके डिजिटल सिस्टम में प्रवेश करता है और उसे नियंत्रित करता है, तो यह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2000 की धारा 43 और धारा 66 के तहत अपराध माना जा सकता है.

हो सकती है 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना

पवन दुग्गल के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति इस तरह बिना अनुमति के ई-रिक्शा के सिस्टम में हस्तक्षेप करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

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First published on: Jul 03, 2026 10:20 AM

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