Sunil Sharma
Read More
Purnima 2023: सनातन धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व कहा गया है। एक वर्ष में कुल 12 पूर्णिमाएं आती हैं, जिन्हें माह के अनुसार अलग-अलग नाम दिए गए हैं। चैत्र माह में आने वाली पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सभी देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं। भगवान विष्णु भी इस दिन गंगा नदी में वास करते हैं।
आचार्य अनुपम जौली के अनुसार चैत्र पूर्णिमा पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। जिनकी वजह से इसका महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। इस दिन भगवान को प्रसन्न करने के लिए अथवा अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। पूर्णिमा पर किए गए उपायों का तुरंत फल मिलता है। जानिए चैत्र पूर्णिमा के उपायों के बारे में
यह भी पढ़ें: हाथ या पैर में न बांधे काला धागा, एक्सीडेंट हो सकता है, ये दुष्परिणाम भी झेलने पड़ेंगे!
चैत्र पूर्णिमा आरंभ होने का समय – 5 अप्रैल 2023 (बुधवार) को सुबह 9.19 बजे
चैत्र पूर्णिमा का समापन – 6 अप्रैल 2023 (गुरुवार) को सुबह 10.04 बजे
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार चैत्र पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं रवि योग बन रहे हैं। साथ ही इस दिन अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त तथा अमृत काल में भी सभी प्रकार के शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: अमावस्या पर पीपल में चढ़ाएं यह चीज, पितृ दोष व कालसर्पदोष दूर होंगे
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
न्यूज 24 पर पढ़ें ज्योतिष, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।