Amavasya Ke Upay: अमावस्या पर पीपल में चढ़ाएं यह चीज, पितृ दोष व कालसर्पदोष दूर होंगे
Edited By Sunil Sharma

Edited By Sunil Sharma

Amavasya Ke Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 अमावस्याएं आती हैं। इन सभी को अलग-अलग नाम दिया गया है तथा सभी का अलग-अलग महत्व बताया गया है। मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि इस बार 23 नवंबर (बुधवार) को आएगी। इस दिन अमावस्या के साथ ही कई शुभ योग भी बन रहे हैं जो इसके महत्व को बढ़ा देंगे।
विद्वान ज्योतिषियों के अनुसार मार्गशीर्ष अमावस्या को किए गए धार्मिक कार्यों का अत्यधिक शुभ फल मिलता है। इस दिन हिंदू धर्मावलंबी पवित्र नदियों तथा सरोवरों में स्नान करते हैं। अपने पितरों के लिए धार्मिक कर्मकांड करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। जानिए मार्गशीर्ष अमावस्या के शुभ मुहूर्त और उपायों के बारे में
पंचांग के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धी योग, अमृत सिद्धी योग और शोभन योग जैसे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11.29 बजे से 12.11 बजे तक रहेगा परन्तु बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में कार्य करना शुभ नहीं माना गया है। राहुकाल दोपहर 12.06 बजे से 13.24 बजे तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 13.14 से 14.43 बजे तक रहेगा।
सुबह 6.52 बजे से 9.29 बजे तक क्रमशः लाभ और अमृत के चौघड़िया रहेंगे। सुबह 10.47 बजे से 12.05 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा। इसके बाद दोपहर 2.42 बजे से शाम 5.18 बजे तक क्रमशः चर और लाभ के चौघड़िया रहेंगे। इस समय सभी धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: Vastu Tips: घर में ऐसे लगाएं तुलसी तो चमक उठेगा भाग्य, सभी देवता पूरी करेंगे आपकी इच्छाएं
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: