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Kundali Yog: कुंडली के ये विशेष योग दर्शाते हैं ‘भूत प्रेत का साया’, जानें कौन-से ग्रह हैं जिम्मेदार और लक्षण

Kundali Yog: कुंडली में कुछ ग्रह योग नकारात्मक ऊर्जा और प्रेत बाधा का संकेत देते हैं. राहु-केतु, शनि व मंगल का चंद्र और लग्न पर प्रभाव ऐसे लक्षण पैदा कर सकता है. आइए जानते हैं, कुंडली के कौन-से विशेष योग दर्शाते हैं 'भूत प्रेत का साया'?

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Kundali Yog: ज्योतिष शास्त्र में मात्र ग्रहों की स्थिति से ही नहीं, बल्कि उनसे बनने वाले विशेष योगों से भी जीवन की गूढ़ घटनाओं का आंकलन होता है. इन्हीं में से एक है ‘प्रेत बाधा’ या नकारात्मक ऊर्जा के साये का योग. जब भी कुंडली में राहु, केतु, शनि या मंगल जैसे ग्रह मन का कारक चंद्रमा और शरीर के स्वामी लग्न को जकड़ लेते हैं, तो व्यक्ति अदृश्य शक्तियों का शिकार बनने लगता है. आइए जानते हैं, इनके लिए जिम्मेदार ग्रह, खास योग और उनके डरावने लक्षण.

राहु का भ्रमजाल

राहु को छाया ग्रह कहा जाता है और यह भटकाव, भ्रम तथा अतृप्त इच्छाओं का कारक है. जब यह कमजोर चंद्रमा के साथ बैठता है या लग्न में स्थित होकर शनि-मंगल की क्रूर दृष्टि से घिरता है, तब व्यक्ति की मानसिक दीवारें ढहने लगती हैं और उसे निरंतर अदृश्य हस्तक्षेप का आभास होता है.

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केतु की गुप्त छुरी

केतु को मोक्ष और गुप्त विद्याओं का कारक माना गया है, लेकिन इसकी पीड़ित अवस्था व्यक्ति को दूसरी दुनिया की ताकतों के समक्ष असहाय बना देती है. अष्टम या द्वादश भाव में बैठा केतु जब शनि या मंगल से दृष्ट होता है, तो यह ‘पैशाचिक बाधा’ का निर्माण करता है, जिससे जातक को हर वक्त कोई खींचने या छूने का एहसास होता है.

शनि की जकड़न

शनि वायु तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और जब इसकी नकारात्मक ऊर्जा राहु से टकराती है, तो मस्तिष्क की तंत्रिकाएं सीधे प्रभावित होती हैं. कुंडली में कहीं भी शनि और राहु की युति ‘श्रापित दोष’ या ‘प्रेत श्राप योग’ रचती है, जो नींद में चलने, डरावने स्वप्न और व्यक्तित्व में एकदम बदलाव की जड़ बनती है.

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मंगल की आक्रामकता

मंगल जब राहु या केतु के साथ मिलकर लग्न, पंचम या नवम भाव में बैठता है, तो यह व्यक्ति के भीतर हिंसक ऊर्जा भर देता है. यह योग मानसिक संतुलन को बिगाड़कर जातक को ऐसे काम करने पर विवश कर देता है, जो उसके वास्तविक स्वभाव में होते ही नहीं.

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पिशाच योग

यह सबसे खतरनाक योग तब बनता है जब प्रथम भाव में चंद्रमा और राहु एक साथ बैठे हों और उन पर पांचवें व नवम भाव से शनि या मंगल जैसे पाप ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो. इस योग में जातक को अकारण भय, अंधेरे में किसी की उपस्थिति और शारीरिक दबाव के संकेत स्पष्ट दिखने लगते हैं.

गुरु-चांडाल दोष

जब ज्ञान का कारक बृहस्पति राहु के साथ बैठता है, तो सही-गलत की पहचान खत्म हो जाती है. यह योग व्यक्ति की धार्मिक आस्था को भी नकारात्मकता की ओर मोड़ सकता है और उसे हिंसक मानसिकता का शिकार बना सकता है.

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अष्टम-द्वादश का खेल

यदि राहु, केतु या शनि पीड़ित अवस्था में अष्टम भाव या द्वादश भाव में स्थित हों, तो यह स्थिति गुप्त शक्तियों के संपर्क का रास्ता खोलती है. ऐसे में व्यक्ति को अजीबोगरीब गंध आना या कानों में फुसफुसाहट सुनाई देना आम हो जाता है.

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सप्तम-षष्ठ भाव का योग

सप्तम भाव में शनि, राहु, केतु या मंगल का पीड़ित होना और षष्ठ भाव में पाप ग्रहों से युक्त राहु-केतु का होना, दोनों ही स्थितियां ऊपरी बाधा को न्योता देती हैं. इन योगों में चिकित्सकीय जांचें सामान्य आती हैं, लेकिन दवाओं का कोई असर नहीं दिखता, जो इस बाधा की सबसे बड़ी पहचान है.

चंद्र-राहु या केतु योग

चंद्रमा का राहु या केतु के साथ होना मन को भ्रमित कर देता है, जिससे हर समय कोई घूरने, पीछा करने या शरीर पर दबाव पड़ने का अहसास बना रहता है.

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यदि लग्नेश नीच हो

यदि लग्न का स्वामी नीच राशि में राहु के साथ बैठा हो और उस पर सूर्य, शनि व अष्टमेश की दृष्टि पड़े, तो ‘प्रेत अरिष्ट योग’ बनता है, जो व्यक्ति की अपनी पहचान मिटाकर उसे अदृश्य सत्ताओं के वश में कर सकता है.

रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: May 07, 2026 09:25 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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