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ज्योतिष

Kuber Direction Astrology: ग्रह का कुबेर की दिशा में जाना क्यों है महत्वपूर्ण, राशियों के करियर, व्यापार और इनकम पर होते हैं ये असर

Kuber Direction Astrology: 13 मई 2026 को बुध उत्तरमुखी यानी कुबेर की दिशा में प्रवेश करेंगे, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ग्रहों का उत्तरमुखी होना नौकरी, बिजनेस और इनकम के नए अवसर खोलता है, क्योंकि उत्तर दिशा धनाध्यक्ष कुबेर से जुड़ी मानी जाती है. आइए जानते हैं, किसी उत्तरमुखी ग्रह का गणित क्या है?

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Written By: Shyamnandan Updated: May 6, 2026 19:23
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Kuber Direction Astrology: ग्रहों के राजकुमार बुध 13 मई 2026 की रात 11 बजकर 27 मिनट पर उत्तरमुखी यानी कुबेर की दिशा में प्रवेश कर रहे हैं. ज्योतिष में इसे बेहद शुभ घड़ी माना जाता है क्योंकि उत्तर दिशा के स्वामी स्वयं धनाध्यक्ष कुबेर हैं. ऐसे में बुध का इस दिशा में गोचर आपकी नौकरी, बिजनेस डील और हर उस रास्ते को खोलने वाला है जहां से पैसा आता है. आपको बता दें, ज्योतिष में उत्तर दिशा को केवल बुध का क्षेत्र नहीं, बल्कि समस्त ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत द्वार माना गया है. धनाध्यक्ष कुबेर का आशीर्वाद लिए यह दिशा जब भी कोई ग्रह पकड़ता है, उसके स्वभाव के अनुरूप जीवन के अलग-अलग पहलू गति पकड़ते हैं. आइए जानते हैं, उत्तरमुखी ग्रह का गणित क्या है?

दिशाओं का स्वामी ग्रह

हर ग्रह की अपनी पसंदीदा दिशा होती है, लेकिन उत्तर दिशा में गोचर करता कोई भी ग्रह कुबेर की कृपा से अपना शुभतम फल देता है. बुध जहां बुद्धि, संवाद और व्यापारिक सूझबूझ का कारक है, वहीं शुक्र का उत्तर में आना विलासिता, कला और वित्तीय बाजारों को गर्मा देता है. बृहस्पति जब यहां विचरण करता है तो ज्ञान, प्रशासनिक पद और शिक्षा क्षेत्र में असीम विस्तार लाता है. यहां तक कि शनि का उत्तरमुखी होना भी लंबी मेहनत के बाद स्थायी सफलता और प्रॉपर्टी लाभ का संकेत बनता है.

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उत्तरमुखी ग्रहों से करियर परअसर

बुध के उत्तरमुखी होने पर सीए, बैंकर, आईटी प्रोफेशनल्स और लेखकों के करियर में उड़ान भरने का समय होता है. लेकिन यदि शुक्र यह चाल चलता है तो फैशन डिजाइनर, ज्वेलरी कारोबारी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लोगों को बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं. गुरु का उत्तर में आना शिक्षकों, न्यायाधीशों और सलाहकारों के लिए प्रमोशन का योग बनाता है. यहां तक कि मंगल भी जब कुबेर दिशा में हो तो पुलिस, सेना और खिलाड़ियों को अप्रत्याशित पदोन्नति दिला सकता है. सीधी-सी बात है—जो ग्रह जितना बलवान, उससे जुड़े पेशे उतने ही फलदायी.

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व्यापार में उत्तरमुखी ग्रहों का गणित

यह दिशा केवल बुध के व्यापारिक कौशल तक सीमित नहीं है. शुक्र के उत्तर में रहते निर्यात-आयात, कॉस्मेटिक और लग्जरी ब्रांड्स की सेल में जबरदस्त इजाफा होता है. बृहस्पति की मौजूदगी धार्मिक ट्रस्ट, एजुकेशन हब और परामर्श फर्मों के लिए ग्रोथ का संकेत है. अगर शनि उत्तर की ओर रुख करता है तो लोहा, सीमेंट, रियल एस्टेट और मशीनरी व्यवसाय धीमी गति से ही सही, पर मजबूत पकड़ बनाते हैं.

उत्तरमुखी ग्रह से धन का प्रवाह

कुबेर की दिशा में गोचर करता ग्रह सीधे तिजोरी पर असर डालता है. बुध जहां फंसा भुगतान और कमीशन दिलाता है, शुक्र निवेश से अचानक लाभ और बोनस का कारक बनता है. गुरु जब यहां विराजमान हो तो वेतन वृद्धि और सरकारी योजनाओं से आर्थिक लाभ सुनिश्चित हो जाता है. लेकिन याद रखें, उत्तर दिशा में कबाड़ या भारी सामान इन सभी शुभ प्रभावों को ब्लॉक कर सकता है.

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राशियों पर निर्भर करता है लाभ

ग्रहों की इस चाल का लाभ सबको एक जैसा नहीं मिलता. मिथुन और कन्या के लिए तो बुध का उत्तर में होना जैकपॉट है, लेकिन वृषभ और तुला के जातक शुक्र के उत्तरमुखी होने पर करोड़पति बन सकते हैं. धनु और मीन राशि को गुरु के इस दिशा में आने का इंतजार रहता है, जबकि मकर और कुंभ शनि के उत्तर गमन से मालामाल होते हैं. हर किसी की बारी तब आती है जब उसका स्वामी ग्रह कुबेर के दरबार में दस्तक देता है.

उत्तर दिशा में न करें ये काम

उत्तर दिशा को कभी भी भारी फर्नीचर, जूता रैक या कबाड़ से न ढकें, वरना धन का प्रवाह रुक जाता है. इस दिशा में शौचालय या कूड़ादान होना सबसे बड़ा वास्तु दोष है, जो करियर की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है. इसके बजाय यहां कुबेर यंत्र या लाफिंग बुद्धा रखें, और हर बुधवार को हरे रंग का दीपक जलाएं. उत्तर दिशा का हल्का, खुला और सुगंधित रहना ही असली कुबेर पूजा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: May 06, 2026 07:14 PM

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