हिंदी न्यूज़/ज्योतिष/Kaalchakra: इनकम सेहत से लेकर लव लाइफ से जुड़े तमाम सवालों के मिलेंगे जवाब, पंडित सुरेश पांडेय से जानें कुंडली के हर भाव का महत्व
ज्योतिष
Kaalchakra: इनकम-सेहत से लेकर लव लाइफ से जुड़े तमाम सवालों के मिलेंगे जवाब, पंडित सुरेश पांडेय से जानें कुंडली के हर भाव का महत्व
Kaalchakra Today: जन्म कुंडली के कुल 12 भाव हैं, जिन सभी का संबंध व्यक्ति के विभिन्न पहलुओं से है. इन्हीं भाव में ग्रहों की स्थिति के आधार पर भविष्य का आकलन किया जाता है. चलिए प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय से जानते हैं कुंडली के 12 भावों के नाम, महत्व और उनसे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में.
Written By:
Nidhi Jain
Updated: Apr 11, 2026 11:29
Edited By :
Nidhi Jain
Updated: Apr 11, 2026 11:29
Credit- News24 Graphics
Share :
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
कुंडली के भावों का महत्व
कुंडली में कुल 12 भाव होते हैं, जो व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित हैं।
पहला भाव, जिसे 'तनु' के नाम से जाना जाता है, व्यक्ति के आत्मविश्वास, चरित्र, रूप और पूरे शरीर से जुड़ा है।
दूसरा भाव, जिसे 'धन भाव' कहते हैं, परिवार, धन-धान्य, वाणी और शिक्षा जैसी गतिविधियों को दर्शाता है।
ज्योतिषीय जानकारी
प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय 11 अप्रैल 2026 के कालचक्र में कुंडली के हर एक भाव के नाम, महत्व और संबंध के बारे में बताएंगे।
Kaalchakra Today 11 April 2026: हर व्यक्ति के मन में भविष्य को जानने की इच्छा होती है, जिसके बारे में विभिन्न तरीकों से जाना जा सकता है. इसी में से एक कुंडली शास्त्र भी है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति देखकर भविष्य जाना जा सकता है. हालांकि, कुंडली के कुल 12 भाव होते हैं, जिनका संबंध व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं से है. प्रत्येक भाव का अपना महत्व है, जिसे देखकर ही ग्रहों की स्थिति के जरिए भविष्य में घटने वाली घटनाओं का आकलन किया जाता है.
आज 11 अप्रैल 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको कुंडली के हर एक भाव के नाम, महत्व और संबंध आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
पहला भाव
कुंडली के पहले भाव को तनु नाम से जाना जाता है, जो कि अपने आप, पूर्वज और रिश्तेदारों से जुड़ा है. इसके अलावा इसका वात-पित्त, कफ, प्रकृति, मस्तक, चेहरा और सामान्य रूप से पूरे शरीर से संबंध है. साथ ही आत्मविश्वास, चरित्र, सुख-दुख, यश-अपयश, रूप, रंग, अहंकार, शरीर का रंग, ज्ञान, आकृति, बल, विवेक, मस्तिष्क, गौरव, विनम्रता और स्वभाव से संबंधित है.
बता दें कि पहला भाव हर समय हमें आकार देने का काम करता है. ये भाव उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो हम बन रहे हैं या बनेंगे.
कुंडली के दूसरे भाव को धन भाव के नाम से जाना जाता है, जिसका संबंध परिवार, करीबी दोस्त, बुद्धि और खान-पान से है. कुंडली के दूसरे भाव की गतिविधियां धन-धान्य, खर्च, रोग, हुनर, मामा-मौसी, संपत्ति, मृत्यु, वाणी, सत्य, असत्य, शिक्षा, दान और पड़ोसी को दर्शाती हैं. इसके अलावा इस भाव का संबंध चेहरे, नाक, कान, गर्दन, मुंह, दायां नेत्र, जीभ और इंद्रियों आदि शरीर के विभिन्न अंगों से भी है.
https://www.youtube.com/watch?v=TUrxxgxsQnI
यदि आप कुंडली के अन्य भाव के नाम और महत्व के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Kaalchakra Today 11 April 2026: हर व्यक्ति के मन में भविष्य को जानने की इच्छा होती है, जिसके बारे में विभिन्न तरीकों से जाना जा सकता है. इसी में से एक कुंडली शास्त्र भी है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति देखकर भविष्य जाना जा सकता है. हालांकि, कुंडली के कुल 12 भाव होते हैं, जिनका संबंध व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं से है. प्रत्येक भाव का अपना महत्व है, जिसे देखकर ही ग्रहों की स्थिति के जरिए भविष्य में घटने वाली घटनाओं का आकलन किया जाता है.
आज 11 अप्रैल 2026 के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको कुंडली के हर एक भाव के नाम, महत्व और संबंध आदि के बारे में बताने जा रहे हैं.
---विज्ञापन---
पहला भाव
कुंडली के पहले भाव को तनु नाम से जाना जाता है, जो कि अपने आप, पूर्वज और रिश्तेदारों से जुड़ा है. इसके अलावा इसका वात-पित्त, कफ, प्रकृति, मस्तक, चेहरा और सामान्य रूप से पूरे शरीर से संबंध है. साथ ही आत्मविश्वास, चरित्र, सुख-दुख, यश-अपयश, रूप, रंग, अहंकार, शरीर का रंग, ज्ञान, आकृति, बल, विवेक, मस्तिष्क, गौरव, विनम्रता और स्वभाव से संबंधित है.
बता दें कि पहला भाव हर समय हमें आकार देने का काम करता है. ये भाव उस व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो हम बन रहे हैं या बनेंगे.
कुंडली के दूसरे भाव को धन भाव के नाम से जाना जाता है, जिसका संबंध परिवार, करीबी दोस्त, बुद्धि और खान-पान से है. कुंडली के दूसरे भाव की गतिविधियां धन-धान्य, खर्च, रोग, हुनर, मामा-मौसी, संपत्ति, मृत्यु, वाणी, सत्य, असत्य, शिक्षा, दान और पड़ोसी को दर्शाती हैं. इसके अलावा इस भाव का संबंध चेहरे, नाक, कान, गर्दन, मुंह, दायां नेत्र, जीभ और इंद्रियों आदि शरीर के विभिन्न अंगों से भी है.
यदि आप कुंडली के अन्य भाव के नाम और महत्व के बारे में जानना चाहते हैं तो उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.