---विज्ञापन---

ज्योतिष angle-right

1 जुलाई को है जया पार्वती व्रत, इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में खुशियां भर जाएंगी

Jaya Parvati Vrat: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रदोष मां पार्वती को समर्पित की गई है। इस दिन जया पार्वती व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया पार्वती व्रत को करने से वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्ध बनता है। विशेषकर इस व्रत को महिलाओं के लिए शुभ बताया गया है। ज्योतिषी […]

---खबर नीचे जारी है---

Jaya Parvati Vrat: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रदोष मां पार्वती को समर्पित की गई है। इस दिन जया पार्वती व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया पार्वती व्रत को करने से वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्ध बनता है। विशेषकर इस व्रत को महिलाओं के लिए शुभ बताया गया है। ज्योतिषी एम. एस. लालपुरिया से जानिए इस व्रत की तिथि, मुहूर्त और व्रत विधि के बारे में

कब है जया पार्वती व्रत, तिथि और समय (Jaya Parvati Vrat Date, Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार जया पार्वती व्रत इस बार 1 जुलाई 2023 (शनिवार) को आ रहा है। सुखी वैवाहिक जीवन के इच्छुक लोगों को इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। इस व्रत के सभी नियम प्रदोष व्रत के ही समान होते हैं। यद्यपि इसमें प्रमुख देवता के रूप में भगवान शिव के बजाय मां पार्वती की पूजा की जाती है।

यह भी पढ़ें: घर में है तुलसी का पौधा तो आजमाएं ये 5 उपाय, किस्मत हमेशा मेहरबान रहेगी

पूजा के शुभ मुहूर्त सुबह 7.20 बजे से 9.03 बजे तक रहेंगे। दोपहर में भी 3.58 बजे से सायं 5.41 तक पूजा की जा सकेगी। जो लोग विशेष अनुष्ठान करना चाहते हैं, उनके लिए सर्वोत्तम समय रात्रि 9.58 बजे से अर्द्धरात्रि बाद 12.31 बजे तक रहेंगे।

---खबर नीचे जारी है---

ऐसे करें जया पार्वती व्रत (Jaya Parvati Vrat Puja Vidhi)

इस दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान कर शुभ मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए। अपने घर के पूजास्थल या किसी मंदिर में जाकर गणेश जी सहित सभी देवी-देवताओं की पूजा करें। भगवान शिव का जल से अभिषेक करें, मां पार्वती की पूजा करें। उन्हें धूप, दीपक, माला, फल, फूल तथा नैवेद्य अर्पित करें। महादेव-पार्वती की आरती करें तथा उनका ध्यान करते हुए मंत्र जाप करें।

यह भी पढ़ें: ऐसे करें सूर्य की आराधना, बनेगा राजयोग, मिलेगी अथाह सुख-संपदा

---खबर नीचे जारी है---

व्रत के दौरान इन नियमों का भी रखें ध्यान

व्रत करते समय पूरे दिन निराहार रहते हुए केवल एक समय फलाहार करना होता है। इस व्रत को करने वाले भक्तों को कभी दूसरों को कष्ट नहीं देना चाहिए और न ही कभी किसी का बुरा सोचना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का प्रभाव नष्ट हो जाता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

---खबर नीचे जारी है---

First published on: Jun 30, 2023 01:18 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola