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Hastrekha Secrets: हथेली के ये 3 निशान लाते हैं संकट, पर्वतों और रेखाओं को करते हैं दूषित; जानें उपाय

Hastrekha Secrets: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर भी मौजूद कुछ निशान बेहद अशुभ माने गए हैं, क्योंकि ये निशान पर्वतों और रेखाओं की ऊर्जा को दूषित कर जीवन में संकट बढ़ाते हैं. आइए जानते हैं, ये 3 खतरनाक निशान कौन-से हैं और इनके दुष्प्रभाव कम करने के उपाय क्या हैं?

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Hastrekha Secrets: हस्तरेखा विज्ञान में हथेली की रेखाओं और पर्वतों का गहरा महत्व है. ये न केवल हमारे स्वभाव को दर्शाते हैं, बल्कि आने वाले समय के संकेत भी देते हैं. कुछ ऐसे निशान होते हैं, जो हथेली पर मौजूद होने पर अशुभ फल देते हैं. ये निशान पर्वतों और रेखाओं की ऊर्जा को दूषित कर जीवन में संकट बढ़ा देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही तीन अशुभ निशानों के बारे में, जिन्हें हस्तरेखा शास्त्र में बेहद अशुभ माना गया है.

द्वीप के आकार का निशान

हथेली पर कहीं भी द्वीप यानी आइलैंड के आकार का निशान अशुभ माना जाता है. यह निशान यदि जीवन रेखा पर बनता है तो यह गंभीर बीमारी या जीवन में आने वाली बड़ी बाधा को दर्शाता है. यह निशान जिस पर्वत पर भी होता है, उस पर्वत के गुणों को नष्ट कर देता है.

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  • हृदय रेखा पर यह निशान प्रेम संबंधों में धोखा या वैवाहिक जीवन में कलह का संकेत देता है.
  • यदि यह निशान मस्तिष्क रेखा पर बनता है, तो यह मानसिक तनाव, निर्णय लेने में असमर्थता या याददाश्त कमजोर होने का संकेत है.

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त्रिशूल या कांटे का निशान

हथेली पर त्रिशूल या कांटे के आकार का निशान भी शुभ नहीं माना जाता है. यह निशान अक्सर रेखाओं के अंत में बनता है. यह निशान व्यक्ति के प्रयासों में बाधा डालकर उसे निराशा की ओर ले जाता है.

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  • यदि भाग्य रेखा के अंत में यह निशान बने तो करियर में अचानक बदलाव या नौकरी जाने का योग बनता है.
  • गुरु पर्वत पर यह निशान माता-पिता के आशीर्वाद में कमी या उनसे दूरी का संकेत देता है.
  • शनि पर्वत पर यह निशान जीवन में लगातार असफलताएं और अपयश दर्शाता है.

जाल या आड़ी रेखाओं का निशान

हथेली पर जाल या आड़ी रेखाओं का निशान सबसे अशुभ माना जाता है. यह निशान ऐसा दिखता है जैसे किसी पर्वत या रेखा पर छोटी-छोटी आड़ी रेखाएं बनकर जाल सा बुन गई हों. यह निशान जिस पर्वत पर होता है, उस पर्वत की पूरी ऊर्जा को अवरुद्ध कर देता है. जाल के आकार का यह निशान व्यक्ति के हर क्षेत्र में सफलता के रास्ते रोक देता है.

  • यदि यह निशान गुरु पर्वत पर हो तो व्यक्ति को ज्ञान और धन की प्राप्ति में बाधा आती है.
  • शनि पर्वत पर यह निशान जीवन में लगातार असफलता और दुर्घटना का भय दर्शाता है.
  • रवि पर्वत पर यह निशान पिता के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है और सरकारी कार्यों में रुकावट पैदा करता है.
  • चन्द्र पर्वत पर यह निशान मानसिक भ्रम और यात्रा में बाधा का संकेत देता है.

इन निशानों का प्रभाव कम करने के उपाय

हस्तरेखा शास्त्र में इन अशुभ निशानों के प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिषियों ने कुछ उपाय बताए गए हैं. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिली के अनुसार, नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करना लाभदायक होता है. बुधवार के दिन हरी वस्तुओं का दान करना चाहिए. साथ ही, हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी इन निशानों के दुष्प्रभाव में कमी आती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Mar 13, 2026 11:38 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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