Sunil Sharma
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Guru Gochar: वैदिक पंचांग के अनुसार 2 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति मीन राशि में अस्त हो जाएगा। बृहस्पति पहले से मीन राशि में है जबकि सूर्य ने भी 15 मार्च 2023 को मीन में ही प्रवेश कर लिया था। इससे सूर्य-गुरु की युति बन गई है।
आचार्य अनुपम जौली के अनुसार गुरु ग्रह 2 अप्रैल को स्वराशि मीन में अस्त हो जाएगा। इसके बाद वह 29 अप्रैल 2023 को वापस उदय होगा। गुरु के अस्त होने से हिंदू धर्म में होने वाले सभी मांगलिक व धार्मिक कार्य भी अब नहीं हो सकेंगे।
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हिंदू धर्म में गुरु और शुक्र के अस्त होने पर विवाह, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश सहित अन्य सभी कार्यों पर रोक लग जाती है। माना जाता है कि उस समय किए गए कार्य शुभ नहीं होते हैं। ऐसे में 29 अप्रैल को गुरु के उदय होने के बाद ही फिर से धर्म-कर्म के कार्य किए जा सकेंगे। हालांकि विवाह के मुहूर्त 2 मई और गृह प्रवेश के मुहूर्त 3 मई से शुरू होंगे।
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इस समय सभी धार्मिक कर्मकांडों पर रोक लग जाती है परन्तु अतिआवश्यकता होने मंत्र अनुष्ठान किए जा सकते हैं। इसी प्रकार गुरु अस्त में दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस समय मांस, मदिरा जैसे व्यसनों से दूर रहते भगवान नाम का स्मरण करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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