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Grahan Yog: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 16 जून 2025 को एक विशेष ग्रह स्थिति बनने जा रही है। इस दिन चंद्रमा का गोचर कुंभ राशि में होगा, जहां पहले से ही राहु ग्रह विराजमान हैं। जब चंद्रमा और राहु एक ही राशि में आते हैं, तो उसे ग्रहण योग कहा जाता है। इस योग का मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक जीवन पर गहरा असर होता है।
चंद्रमा मन, भावना और चेतना का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि राहु एक छाया ग्रह है, जो भ्रम, चिंता और अनिश्चितताओं को जन्म देता है। ऐसे में जब ये दोनों ग्रह मिलते हैं, तो विशेष रूप से कुछ राशियों पर मानसिक तनाव, असमंजस और जीवन में रुकावटें देखी जाती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं उन राशियों के बारे में जिन पर इसका सबसे अधिक नकारात्मक असर पड़ेगा, और साथ में जानते हैं, इस अशुभ योग के प्रभाव से बचाव के उपाय।
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इस ग्रहण योग के कारण मेष राशि के जातकों को मानसिक अस्थिरता, चिड़चिड़ापन और भावनात्मक असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है। करियर में अचानक बदलाव या किसी बड़े निर्णय को लेकर असमंजस की स्थिति बनेगी। पारिवारिक जीवन में भी गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, जिससे रिश्तों में तनाव संभव है।
उपाय: सोमवार को शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और कच्चा दूध चढ़ाएं। ‘ॐ चन्द्राय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
वृषभ राशि वालों को इस समय नौकरी और व्यवसाय में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद हो सकता है या उनका समर्थन कम हो सकता है। निवेश करने वाले जातकों को हानि हो सकती है, विशेषकर शेयर या क्रिप्टो लेनदेन जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों में।
उपाय: शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल और उड़द दाल का दान करें। राहु के बीज मंत्र ‘ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः’ का जाप करें। काले धागे में चांदी का त्रिकोण ताबीज धारण करें।
ग्रहण योग मिथुन राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है। विशेष रूप से मानसिक थकावट, अनिद्रा या उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यात्राओं में बाधा, दस्तावेजी भूल या विदेश संबंधी योजनाओं में देरी संभव है।
उपाय: प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और रुद्राभिषेक करवाएं। मंगलवार को रक्तदान करें या लाल वस्त्र किसी ब्राह्मण को दान करें। बुधवार को गरीब विद्यार्थियों को स्टेशनरी, जैसे पेन, कॉपी, किताबें आदि दान करें।
इस अवधि में सिंह राशि वालों के वैवाहिक जीवन में तनाव उत्पन्न हो सकता है। जीवनसाथी के साथ मतभेद या भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है। व्यवसाय में साझेदारी करने वालों के लिए यह समय विशेष सावधानी बरतने का है, क्योंकि विश्वासघात या कानूनी उलझनें संभव हैं। काम अटक सकता है।
उपाय: रोजाना ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें या उसका श्रवण करें। शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। राहु काल में कोई नया कार्य शुरू न करें। जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र या मिठाई भेंट करें।
कन्या राशि के जातकों को कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा, षड्यंत्र या सीनियर की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय विशेष सतर्कता का है, पाचन तंत्र से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। आत्मविश्वास में कमी के कारण निर्णयों में चूक हो सकती है।
उपाय: बुधवार को ‘ॐ बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें। श्री गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और हरे रंग के वस्त्र पहनें। गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। मूंग दाल, हरी सब्जियां और हरे फल गरीबों को दान करें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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