Sunil Sharma
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Bhairav ke Upay: वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह अथवा आभासी ग्रह माना गया है। ये जिस भी ग्रह के साथ होते हैं, उसी के प्रभाव को कई गुणा बढ़ा देते हैं। इन्हें नेगेटिव माना जाता है, यही कारण है कि किसी भी जन्मकुंडली को देखते समय सर्वाधिक विचार राहु और केतु पर ही किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु अशुभ हो तो उस व्यक्ति का पूरा जीवन ही व्यर्थ हो जाता है।
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ज्योतिष के अनुसार इन दोनों ग्रहों के अशुभ होने पर हमें भगवान शिव के अवतार भगवान भैरव की शरण लेनी चाहिए। शास्त्रों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से भैरव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के समस्त कष्टों को तुरंत ही दूर कर देते हैं। जानिए इन उपायों के बारे में
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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