ईरान के साथ डील साइन करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अमेरिकी सेना को आज 16 जून को 800 करोड़ का नुकसान हो गया। सेना का B-52 बॉम्बर प्लेन कैलिफोर्निया में क्रैश हो गया। हादसा स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11:20 मिनट पर हुआ। बॉम्बर ने 8 क्रू मेंबर्स के साथ एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस से रुटीन टेस्ट मिशन के लिए उड़ान भरी थी कि वह मोजावे रेगिस्तान में गिर गया और उसमें धमाके के साथ उसमें आग लग गई।
अधिकारी, कर्मचारी और एक्सपर्ट सवार थे
विमान हादसे में आठों क्रू मेंबर्स मारे गए हैं। मृतकों में अमेरिकन एयरफोर्स के अधिकारी, सरकारी नागरिक कर्मचारी और बोइंग कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर्स एवं प्लेन टेस्टिंग एक्सपर्ट शामिल थे। हादसा इतना भयानक था कि विमान के मलबे में लगी आग का काला धुंआ मीलों दूर तक आसमान में विशाल गुबार की तरह देखा गया। एडवर्ड्स एयरफील्ड को अब बंद कर दिया गया है। वहीं एयरबेस से उड़ने वाली और लैंड होने वाली सभी फ्लाइट्स को दूसरे एयरबेस पर डायवर्ट किया गया है।
हादसे का कारणों की तलाश और जांच जारी
अमेरिका के एविएशन एक्सपर्ट के अनुसार, हादसा विमान के कंट्रोल सिस्टम या इंजन में खराबी के कारण हुआ होगा। हादसे का कारण वह उपकरण हो सकता है, जिसका परीक्षण किया जा रहा था। हो सकता है कि वह फेल हो गया है, जिस वजह से विमान लैंड नहीं कर पाया और अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों ने हादसे के कारणों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। 6 महीने के अंदर जांच करके रिपोर्ट वायुसेना प्रमुख और सरकार के सौंपी जाएगी।
एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट जेफ गुजेटी कहते हैं कि मेंटेनेंस के बाद कंट्रोल सिस्टम गलत तरीके से सेट हुआ होगा। इंजन में कोई बड़ी खराबी आई होगी। जिस इक्विपमेंट की टेस्टिंग हो रही थी, उसमें कोई खराबी आ गई होगी। निश्चित रूप से कंट्रोल से जुड़ी समस्या हुई है, लेकिन यह इंजन फेलियर के कारण हुआ, कंट्रोल फेलियर के कारण या किसी नए टेस्टिंग डिवाइस के फेल होने की कारण हुआ, सही वजह तो जांच करने पर ही पता चलेगी। जांच गहराई से होनी चाहिए, क्योंकि आम विमान नहीं था।
ईरान के साथ डील साइन करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अमेरिकी सेना को आज 16 जून को 800 करोड़ का नुकसान हो गया। सेना का B-52 बॉम्बर प्लेन कैलिफोर्निया में क्रैश हो गया। हादसा स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 11:20 मिनट पर हुआ। बॉम्बर ने 8 क्रू मेंबर्स के साथ एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस से रुटीन टेस्ट मिशन के लिए उड़ान भरी थी कि वह मोजावे रेगिस्तान में गिर गया और उसमें धमाके के साथ उसमें आग लग गई।
अधिकारी, कर्मचारी और एक्सपर्ट सवार थे
विमान हादसे में आठों क्रू मेंबर्स मारे गए हैं। मृतकों में अमेरिकन एयरफोर्स के अधिकारी, सरकारी नागरिक कर्मचारी और बोइंग कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर्स एवं प्लेन टेस्टिंग एक्सपर्ट शामिल थे। हादसा इतना भयानक था कि विमान के मलबे में लगी आग का काला धुंआ मीलों दूर तक आसमान में विशाल गुबार की तरह देखा गया। एडवर्ड्स एयरफील्ड को अब बंद कर दिया गया है। वहीं एयरबेस से उड़ने वाली और लैंड होने वाली सभी फ्लाइट्स को दूसरे एयरबेस पर डायवर्ट किया गया है।
हादसे का कारणों की तलाश और जांच जारी
अमेरिका के एविएशन एक्सपर्ट के अनुसार, हादसा विमान के कंट्रोल सिस्टम या इंजन में खराबी के कारण हुआ होगा। हादसे का कारण वह उपकरण हो सकता है, जिसका परीक्षण किया जा रहा था। हो सकता है कि वह फेल हो गया है, जिस वजह से विमान लैंड नहीं कर पाया और अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। अमेरिकी वायुसेना के अधिकारियों ने हादसे के कारणों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है। 6 महीने के अंदर जांच करके रिपोर्ट वायुसेना प्रमुख और सरकार के सौंपी जाएगी।
एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट जेफ गुजेटी कहते हैं कि मेंटेनेंस के बाद कंट्रोल सिस्टम गलत तरीके से सेट हुआ होगा। इंजन में कोई बड़ी खराबी आई होगी। जिस इक्विपमेंट की टेस्टिंग हो रही थी, उसमें कोई खराबी आ गई होगी। निश्चित रूप से कंट्रोल से जुड़ी समस्या हुई है, लेकिन यह इंजन फेलियर के कारण हुआ, कंट्रोल फेलियर के कारण या किसी नए टेस्टिंग डिवाइस के फेल होने की कारण हुआ, सही वजह तो जांच करने पर ही पता चलेगी। जांच गहराई से होनी चाहिए, क्योंकि आम विमान नहीं था।