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दुनिया को तेल बेचने वाले रूस में ‘ऑयल क्राइसिस’ क्यों? पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी कतारें, भारत से लेनी पड़ी मदद

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने भी माना है कि वाहन चालकों और कारोबारियों के लिए समस्याएं बनी हुई हैं. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन निजी पेट्रोल पंपों पर दाम तेजी से बढ़े हैं.

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दुनिया के सबसे बड़े ईंधन उत्पादक देशों में शुमार रूस इस समय खुद गंभीर तेल संकट का सामना कर रहा है. वैश्विक बाजारों को ईंधन निर्यात करने वाला रूस आज खुद अपने ही घरेलू बाजारों में तेल की खपत को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

क्या है रूस में ऑयल क्राइसिस का कारण?


रूस में ऑयल क्राइसिस संकट के पीछे का मुख्य कारण यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना है. यूक्रेन ने लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों से रूस के कई एनर्जी प्लांटों को नुकसान पहुंचाया. इन हमलों ने रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों और डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा ठप हो गया है. स्थिति इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि साइबेरियाई शहर इरकुत्स्क में प्रशासन को कतारों में घंटों इंतजार करने वाले लोगों के लिए पोर्टेबल टॉयलेट तक की व्यवस्था करनी पड़ी है.

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आम जनजीवन प्रभावित


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने भी माना है कि वाहन चालकों और कारोबारियों के लिए समस्याएं बनी हुई हैं. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन निजी पेट्रोल पंपों पर दाम तेजी से बढ़े हैं. इस संकट ने रूस के कृषि क्षेत्र को भी चिंता में डाल दिया है. अनाज उत्पादक क्षेत्रों के किसान इस बात को लेकर आशंकित हैं कि ईंधन की कमी के कारण वे अपनी फसलों की समय पर कटाई कर पाएंगे या नहीं.

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भारत से लेनी पड़ी मदद


इस घरेलू कमी को पूरा करने के लिए रूस ने अब एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अन्य देशों से ईंधन आयात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने समुद्री मार्ग के जरिए भारत से पेट्रोल का आयात शुरू किया है. सूत्रों के मुताबिक, भारत से कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल पहले ही रूस भेजा जा चुका है और दो बड़े टैंकर इसके लिए रवाना किए गए हैं.

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First published on: Jul 03, 2026 10:41 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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