3 सीक्रेट विमानों के साथ पाकिस्तान पहुंचे UAE के राष्ट्रपति, दोनों मुल्कों की कोई नई चाल?

पाकिस्तान में UAE के राष्ट्रपति के साथ 3 कार्गो जेट्स की भी एंट्री हुई. दोनों देशों ने अपनी मुलाकात को भाईचारे की तस्वीर बताया, लेकिन UAE से पाकिस्तान आए कार्गो विमान अलग ही सवाल खड़े कर रहे हैं.

UAE President and Shahbaz Sharif

Credit: Social Media

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पाकिस्तान और UAE में कुछ तो खिचड़ी पक रही है. इस हफ्ते पाकिस्तान में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. दरअसल 26 दिसंबर को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक दिन के पाकिस्तान दौरे पर पहुंचे थे. उसी हफ्ते अचानक भारी कार्गो जेट भी पाकिस्तान में नजर आए. ओपन सोर्स ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इन विमानों ने UAE से पाकिस्तान के लिए उड़ान भरी थी. इसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये जेट्स UAE के राष्ट्रपति के साथ पाकिस्तान आए थे. ऐसे तो पाकिस्तान और UAE दोनों इसे निवेश, पॉलिटिकल पार्टनरशिप बता रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान पहुंचे कार्गो विमान देखकर कुछ और ही तस्वीर नजर आ रही है.

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कौन से सीक्रेट प्लेन पाकिस्तान आए?

UAE के राष्ट्रपति जब पाकिस्तान आए तो नूर खान एयरबेस पर 21 तोपों की सलामी के साथ उनका स्वागत किया गया. खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर उनके स्वागत के लिए वहां पहुंचे. यूएई का राष्ट्रपति बनने के बाद ये शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान का पहला पाकिस्तान दौरा था. उनके साथ जो सीक्रेट प्लेन पाकिस्तान आए, उनमें C-17 ग्लोबमास्टर, An-124 और IL-76 जैसे बड़े कार्गो एयरक्राफ्ट शामिल थे. अजीब बात ये थी कि इन्हें पाकिस्तान के किसी रिमोट इलाके में लैंड कराया गया, जहां या तो प्राइवेट प्लेन उतारे जाते हैं या जो कम इस्तेमाल होते हैं.

कार्गो से क्या लाए UAE राष्ट्रपति?

जानकारी के मुताबिक, इन कार्गो विमानों से लग्जरी मोबाइल कैंप, ऑल टेरेन व्हीकल और ट्रेन्ड बाज जैसे शिकार में इस्तेमाल होने वाले संसाधन लाए गए. कार्गो जेट्स को सिंध के अंदरूनी इलाकों और दक्षिणी पंजाब में चोलिस्तान रेगिस्तान के पास उतारा गया. दरअसल , पिछले कई सालों से गल्फ देशों के शाही परिवारों की हैबारा बस्टर्ड शिकार यात्राओं के लिए इन इलाकों का इस्तेमाल किया जाता है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात का कबूला कि यूएई राष्ट्रपति ने शिकार के लिए भी समय निकाला. दरअसल शिकार करने की ये परंपरा पाकिस्तान और यूएई के बीच लंबे समय से चली आ रही है.

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हौबारा बस्टर्ड पक्षी क्या है?

हौबारा बस्टर्ड एक संरक्षित प्रवासी पक्षी है. पाकिस्तान सरकार स्पेशल डिप्लोमेटिक इशारे के तौर पर खाड़ी देशों के शासकों को सीमित शिकार परमिट जारी करती रही है, लेकिन हमेशा से इसपर ऐतराज जताया जा रहा है. पर्यावरण एक्सपर्ट इसे गलत करार देते हैं. उनका मानना है कि शिकार करने से पक्षियों की संख्या कम हो रही है, जिससे नेचुरल संतुलन बिगड़ता है.

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Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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