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क्या है नासा का मून मिशन आर्टेमिस 2? जो आखिरी पलों में टला, नासा चीफ ने क्यों लिया फैसला

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के ऐतिहासिक मून मिशन Artemis 2 की मार्च में होने वाली लॉन्चिंग को आखिरी पलों में टाल दिया गया है. NASA प्रमुख जैरेड इसाकमैन ने बताया कि SLS रॉकेट के ऊपरी स्टेज में तकनीकी खामी की वजह से लॉन्चिंग लटकी है. यह मिशन के लिए बड़ा झटका है.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Feb 22, 2026 09:59
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नासा के महत्वाकांक्षी मून मिशन Artemis 2 की लॉन्चिंग को आखिरी पलों में टाल दिया गया है. NASA प्रमुख जैरेड इसाकमैन ने X पर लिखा कि शुक्रवार को ही NASA ने 6 मार्च को सबसे जल्दी लॉन्च डेट तय की थी, लेकिन रात में रूटीन ऑपरेशन के दौरान हीलियम फ्लो में रुकावट सामने आई. हीलियम का इस्तेमाल फ्यूल टैंकों को प्रेशराइज करने और इंजन को पर्ज करने के लिए होता है. यह लॉन्च के लिए बेहद जरूरी है. समस्या की वजह फिल्टर, वाल्व या कनेक्शन प्लेट में खराबी हो सकती है. Artemis 1 में भी ऐसी ही समस्या आई थी. अब रॉकेट को VAB में ले जाकर जांच और रिपेयर किया जाएगा.

क्या था Artemis 2 मिशन का प्लान?

नासा का Artemis 2 मिशन 50 साल से ज्यादा समय के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन था, इसमें 4 अंतरिक्ष यात्रियों को ओरियन अंतरिक्ष यान में बैठकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर सुरक्षित धरती पर वापस लौटना था. 10 दिन के इस मिशन में यात्रियों को चांद की सतह पर उतरना नहीं था, बल्कि यह 2026 में होने वाले Artemis 3 के लिए एक महत्वपूर्ण टेस्ट फ्लाइट थी, जिसमें यात्री चांद पर उतरेंगे. चीन भी 2030 तक क्रूड लूनर मिशन का लक्ष्य रख रहा है, जिससे अमेरिका को जल्दी आगे बढ़ना है. मिशन सफल होता तो 1972 के अपोलो मिशन के बाद पहली बार होता जब इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर निकलकर चंद्रमा तक पहुंचते.

Artemis 2 मिशन के लिए चयनित 4 अंतरिक्ष यात्री

रीड वाइसमैन- कमांडर: ये अमेरिकी नौसेना के अनुभवी पायलट और नासा के अंतरिक्ष यात्री हैं.
विक्टर ग्लोवर- पायलट: ये चंद्रमा के मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बनने वाले थे.
क्रिस्टीना कोच- मिशन स्पेशलिस्ट: इनके नाम अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला का रिकॉर्ड है.
जेरेमी हेन्सन – मिशन स्पेशलिस्ट: ये कनाडा के अंतरिक्ष यात्री हैं और मिशन लान्च होते ही कनाडा चंद्रमा के पास जाने वाला दूसरा देश बन जाएगा.

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मिशन के टलने का बड़ा असर

मिशन Artemis 2 में देरी होने का सीधा असर चंद्रमा पर उतरने के Artemis 3 मिशन पर भी पड़ सकता है. नासा का मुख्य ध्यान अब ‘हीलियम फ्लो’ की समस्या को ठीक करने पर है ताकि ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ रॉकेट को सुरक्षित तरीके से लॉन्च किया जा सके. जब तक SLS पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक नई तारीख का ऐलान होना मुश्किल है. यह देरी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया के लिए एक बड़ा झटका जरूर है, लेकिन स्पेस मिशन में सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाता. नासा का अगला लक्ष्य मंगल ग्रह पर इंसान को भेजना है, जिसके लिए चंद्रमा एक ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ की तरह काम करेगा.

First published on: Feb 22, 2026 09:59 AM

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