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दुनिया

‘कंगाल’ पाकिस्तान को ट्रंप का झटका, बलूचिस्तान में घुसकर लूटेंगे खजाना, जानें क्या है अमेरिका का प्रोजेक्ट ‘वॉल्ट’?

Pakistan Reko Diq Gold Mine: वेनेजुएला के तेल भंडार और ग्रीनलैंड के खनिज पदार्थों के बाद ट्रंप की नजर पाकिस्तान के सबसे बड़े सोने के भंडार पर है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सोने की खदान के साथ-साथ कई रेयर अर्थ एलिमेंट्स का खजाना है, जिसके लिए ट्रंप ने एक प्रोजेक्ट शुरू किया है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Feb 6, 2026 11:11
Pakistan Reko Diq Gold Mine
'कंगाल' पाकिस्तान दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार का मालिक है.

US Investment in Pakistan Gold Mine: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब पाकिस्तान के खजाने पर है। जी हां, कहने तो पाकिस्तान कंगाल देश है, लेकिन बलूचिस्तान में दुनिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार है और यहां तांबा समेत कई रेयर अर्थ मिनरल्स का खजाना भी है, जिन्हें लूटने का प्लान अमेरिका ने बना लिया है। अमेरिका बलूचिस्तान की रेको डिक खदान में प्रोजेक्ट वॉल्ट के तहत करीब 1।3 बिलियन डॉलर (करीब 117,594,574,500 करोड़ रुपये) का इन्वेस्टमेंट करेगा।

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क्या है ट्रंप के प्रोजेक्ट वॉल्ट का मकसद?

राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते दिन पाकिस्तान में 1।3 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट करने की घोषणा की और इस इन्वेस्टमेंट को अमेरिका के नए प्रोजेक्ट ‘वॉल्ट’ का हिस्सा बताया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद दुर्लभ खनिज पदार्थों पर एकाधिकार को खत्म करके पूरी दुनिया तक पहुंचाना है। वहीं पाकिस्तान में इतने बड़े इन्वेस्टमेंट की एक कड़ी चीन से भी जुड़ी है, जो रेयर अर्थ एलिमेंट्स का बादशाह है, लेकिन वह उसे अमेरिका तो क्या, किसी भी देश को नहीं देना चाहता, इसलिए अमेरिका ने यह दांव खेला है।

पहली बार अमेरिका से बाहर निवेश होगा

बता दें कि रेको डिक नामक जगह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में है, जहां दुनिया का सबसे बड़ा सोने और तांबे का भंडार है। रेको डिक के लिए प्रोजेक्ट ‘वॉल्ट’ के तहत जो इन्वेस्टमेंट किया जा रहा है, वह अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश भी होगा। प्रोजेक्ट वॉल्ट का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद 2 फरवरी 2026 को की थी, जिसका नेतृत्व यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के चेयरमैन करेंगे, जिन्हें इस खजाने का फायदा अमेरिका और पूरी दुनिया को पहुंचाने का निर्देश है.

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कितना खजाना दबा है रेको डिक के अंदर?

बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में चागई पहाड़ों में बनी रेको डिक खदान में करीब 51.9 बिलियन टन अयस्क है, जिसमें 0.41 प्रतिशत तांबा मिला है. 41.5 मिलियन औंस सोने का भंडार है, यानी रेको डिक के अंदर दुनिया का सबसे बड़ा सोने और तांबे का डिपॉजिट है। जिसके लिए अमेरिका के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ने 10 अरब डॉलर का लोन मंजूर किया है। वहीं पूरा वॉल्ट प्रोजेक्ट करीब 12 अरब डॉलर का है, जिसके तहत ‘स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल्स रिजर्व’ बनाया जाएगा और माइनिंग-प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट शुरू होंगे।

चिली और कनाडा भी करना चाहते माइनिंग

बता दें कि साल 2011 में चिली और कनाडा भी बलूचिस्तान में माइनिंग करना चाहते थे, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने चिली की एंटोफागास्टा और कनाडा की बैरिक गोल्ड की कंपनी टेथियन को माइनिंग राइट्स देने से इनकार कर दिया था। मामला इंटरनेशनल कोर्ट में पहुंचा था। इसके बावजूद अमेरिका 1.3 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। अमेरिका को डेफेंस और इलेक्ट्रिक कार एवं टेक्नोलॉजी के लिए रेयर अर्थ एलिमेंट्स चाहिए, लेकिन चीन इन्हें दबाकर बैठा है, इसलिए अमेरिका ने पाकिस्तान का रुख किया, लेकिन बलूचिस्तान में अलगाववादी मुसीबत बन सकते हैं.

First published on: Feb 06, 2026 08:30 AM

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