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इस्लामाबाद से उड़ान भरते ही जेडी वेंस ने क्यों मिलाया था फोन? नेतन्याहू ने खुद बताया- क्या हुई बातचीत

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुलासा किया है कि इस्लामाबाद शांति वार्ता में 'धमाका' ईरान की वादाखिलाफी के कारण हुआ. जेडी वेंस ने विमान से फोन कर उन्हें वार्ता विफल होने की पूरी जानकारी दी.

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इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हुई अपनी फोन कॉल के बारे में दुनिया को जानकारी दी है. नेतन्याहू के अनुसार वेंस ने इस्लामाबाद में मैराथन शांति वार्ता खत्म करने के तुरंत बाद अपने विमान से उन्हें फोन किया था. यरूशलेम में कैबिनेट बैठक के दौरान नेतन्याहू ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन हर दिन की तरह उन्हें वार्ता के विकास की पूरी जानकारी दे रहा था. उन्होंने इस बातचीत को “वार्ता में धमाका” करार दिया क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने से पहले ही सब कुछ बिखर गया. नेतन्याहू का यह बयान ईरान के उन दावों के बाद आया है जिसमें इस नाकामी के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया गया था.

क्यों टूटी शांति वार्ता की उम्मीद?

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि बातचीत टूटने की असली वजह अमेरिकी पक्ष का कड़ा रुख था क्योंकि वे ईरान के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं कर सके. उनके अनुसार समझौता यह था कि वार्ता में शामिल होने के लिए ईरान को तुरंत युद्ध विराम करना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते खोलने होंगे. जब तेहरान ने इन शर्तों का पालन नहीं किया तो अमेरिका ने बातचीत खत्म करने का फैसला लिया. नेतन्याहू ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि ईरान के पास से सारा संवर्धित यूरेनियम हटा लिया जाए. अमेरिका चाहता है कि अगले कई दशकों तक ईरान के अंदर यूरेनियम संवर्धन की कोई भी गतिविधि न हो जो इजरायल के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है.

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यह भी पढ़ें: ‘गल्फ का कोई पोर्ट नहीं रहेगा सेफ…’, US की नाकेबंदी से पहले ईरान की बड़ी चेतावनी

अमेरिका और इजरायल का अटूट तालमेल

ईरान की कथित वादाखिलाफी के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी करने का बड़ा फैसला लिया है जिसका इजरायल ने खुलकर समर्थन किया है. नेतन्याहू ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें वाशिंगटन और यरूशलेम के बीच किसी भी तरह के मतभेद की बात कही जा रही थी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आज जैसा समन्वय है वैसा इजरायल के इतिहास में पहले कभी नहीं रहा. दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति के साथ मिलकर काम करना इजरायल को विनाश के खतरों से बचाने की ताकत देता है. नेतन्याहू ने इसे एक ऐतिहासिक साझेदारी बताया जहां हर कदम पर अमेरिका और इजरायल की टीमें एक-दूसरे के साथ पूरी तरह संपर्क में हैं.

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लेबनान सीमा पर सैन्य अभियान और ईरान का पलटवार

कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात इजरायली सैनिकों के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इजरायली सेना दुश्मन को सीमा से दूर धकेलने और एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने में शानदार कामयाबी हासिल कर रही है. दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इजरायल के दावों को गलत बताते हुए इसे एक साजिश करार दिया है. ईरान का आरोप है कि नेतन्याहू के फोन कॉल ने वार्ता का रुख बदल दिया और अमेरिका वह सब हासिल करना चाहता है जो वह जंग से नहीं जीत पाया. तेहरान का कहना है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अमेरिका का रवैया कूटनीति के खिलाफ है.

First published on: Apr 13, 2026 07:45 PM

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Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

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