---विज्ञापन---

दुनिया

‘हमें शर्म आती है’, पाकिस्तानी PM ने खुद मानी दुनिया से ‘भीख मांगने’ की बात; आसिम मुनीर का झुक गया सिर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुलेआम ये बात स्वीकार की कि उन्हें दुनिया के सामने भीख मांगने में शर्म आती है. उन्होंने कहा, 'जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में भीख मांगते फिरते हैं तो शर्म आती है.'

Author Written By: Akarsh Shukla Updated: Jan 31, 2026 18:27

पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई है कि अब वो दूसरे मुल्कों की खैरात और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले लोन पर निर्भर है. पाकिस्तान में आटा-दाल का भाव जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे. महंगाई की मार से जूझ रहा पाकिस्तान की शहबाज अपने नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दे पा रहा है. दुनिया में पाकिस्तान की इमेज अब एक भिखारी से ज्यादा नहीं है. इस बात को अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्रा शहबाज शरीफ ने भी खुद स्वीकार कर लिया है. उन्होंने बताया कि अपने हालिया विदेश दौरों में वो और आसिम मुनीर सहयोगी देशों से भीख मांगने के लिए पहुंचे थे.

‘शर्म से झुक जाते हैं हमारे सिर’


एक कार्यक्रम में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुलेआम ये बात स्वीकार की कि उन्हें दुनिया के सामने भीख मांगने में शर्म आती है. उन्होंने कहा, ‘जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में भीख मांगते फिरते हैं तो शर्म आती है. आसिम मुनीर का भी सिर झुक जाता है. लोन लेना हमारे आत्म-सम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है और ऐसा करने से हमारे सिर शर्म से झुक जाते हैं. बदले में वो हमसे जो कुछ भी कराना चाहते हैं, हम उनमें से कई बातों को मना नहीं कर सकते.’

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ईरान के इन 5 ठिकानों को सबसे पहले तबाह करेगा अमेरिका, ट्रंप क्यों बनाएंगे इन्हें टारगेट?

शरीफ ने अपनी सरकार की मुश्किलें बयान करते हुए बताया कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है, लेकिन इसमें सहयोगी देशों के दिए लोन भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति ऐसी है कि ये भंडार मित्र राष्ट्रों की मदद पर टिके हैं. इस बीच, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ सक्रिय चर्चा में लगा हुआ है, जहां आर्थिक स्थिरता के लिए सख्त नीतियों के बाद विकास योजनाओं पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है. शरीफ ने विदेशी निर्भरता पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आर्थिक सहायता राष्ट्रीय गरिमा को ठेस पहुंचाती है.

---विज्ञापन---

इस संकट के बीच शरीफ ने प्रमुख सहयोगी देशों की तारीफ की. उन्होंने चीन को ‘सभी मौसमों का मित्र’ करार दिया और सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तथा कतर का धन्यवाद किया. चीन ने अरबों डॉलर के जमा रोलओवर किए हैं, जिसमें 2024-25 के लिए 4 अरब डॉलर की उम्मीद है. चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में 60 अरब डॉलर से अधिक के प्रोजेक्ट शामिल हैं. सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर का जमा बढ़ाया और 1.2 अरब डॉलर की तेल सुविधा दी. यूएई ने 2 अरब डॉलर का लोन रोलओवर किया, जबकि कतर ने 3 अरब डॉलर के निवेश और एलएनजी आपूर्ति के समझौते पर हस्ताक्षर किए. इन मददों से ही पाकिस्तान का भुगतान संतुलन संकट टला है.

First published on: Jan 31, 2026 05:00 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.