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Israel-Iran War: ईरान के ‘स्लीपर सेल्स’ हुए एक्टिव! खुफिया कोड मिलते ही टेंशन में आया अमेरिका

एक तरफ जहां इजरायली पीएम नेतन्याहू ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने पर आमादा हैं, वहीं दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि 'जंग जल्द खत्म होने वाली है'. हालांकि, ईरान के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और मुजतबा खामेनेई के बढ़ते प्रभाव के बीच स्लीपर सेल्स का एक्टिव होना पूरी दुनिया के लिए रेड अलर्ट है.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Mar 10, 2026 11:27
Sleeper Cells Activated
Photo Credit: AI Gemini

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायल-ईरान में चल रही जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि तनाव कम होगा, लेकिन स्थिति इसके उलट होती दिख रही है. ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई की मौत के तुरंत बाद ईरान ने दुनिया भर में फैले अपने ‘स्लीपर सेल्स’ को सक्रिय करने के लिए एक गुप्त सिग्नल भेजा है. गौरतलब है कि जंग के दौरान अब तक खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए. इसके बावजूद ईरान की ओर से कोई रुकावट नहीं आई है.

अब अमेरिका के हाथ एक खुफिया कोड लगा है, जिसमें सिग्नल मिला है कि 28 फरवरी के खामनेई की मौत के बाद ईरान ने एक स्पेशल सिग्नल भेजकर अपने विदेशी स्लीपर सेल्स को अलर्ट कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिग्नल एक ‘डेथ वारंट’ या ‘एक्टिवेशन कोड’ हो सकता है, जो विदेशों में मौजूद ईरानी एजेंटों को हमले शुरू करने का निर्देश देता है.

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क्या है संदिग्ध एन्क्रिप्टेड मैसेज में ?

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ABC न्यूज की रिपोर्ट के हवाले से खुलासा किया कि एक एन्क्रिप्टेड मैसेज इंटरसेप्ट किया है, जो ईरानी मूल का लगता है और खामेनेई की मौत के तुरंत बाद भेजा गया. मैसेज पूरी तरह कोडेड था, केवल डिक्रिप्शन की चाबी रखने वाले ही इसे पढ़ सकते हैं. इसे कई देशों में रीब्रॉडकास्ट किया गया, जो असामान्य है. फेडरल अलर्ट में कहा गया है कि यह “स्लीपर एसेट्स” को एक्टिवेट या निर्देश देने के लिए हो सकता है. हालांकि, मैसेज का सटीक कंटेंट अभी डिकोड नहीं हो पाया है, लेकिन इसकी प्रकृति से चिंता बढ़ गई है.

क्यों बढ़ी दुनिया की चिंता?

फेडरल अलर्ट के मुताबिक, यह सिग्नल असामान्य तरीके से कई देशों में दोबारा ब्रॉडकास्ट किया गया. इसे डिकोड करना लगभग नामुमकिन है क्योंकि यह केवल उन्हीं के द्वारा पढ़ा जा सकता है जिनके पास इसकी ‘डिक्रिप्शन की’ है. खुफिया विभाग को डर है कि ईरान अब इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर ‘लोन वुल्फ’ हमलों या बड़े धमाकों की योजना बना रहा है.

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First published on: Mar 10, 2026 10:31 AM

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